मथुरा। लाइव टीवी डिबेट के दौरान राजू दास द्वारा कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद के साथ गाली-गलौज, अभद्र एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किए जाने के विरोध में मंगलवार को मथुरा में व्यापक जनाक्रोश देखने को मिला। विकासशील इंसान पार्टी के सुप्रीमो एवं बिहार सरकार के पूर्व मंत्री श्री मुकेश सहनी के नेतृत्व में हजारों की संख्या में वीआईपी, इंडिया गठबंधन, कम्युनिस्ट दल, कांग्रेस एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने दामोदरपुरा से मथुरा कलेक्ट्रेट तक एक विशाल जुलूस निकाला।
हजारों लोगों का काफिला सड़कों पर नारे लगाते हुए आगे बढ़ा। कार्यकर्ताओं ने “राजू दास को गिरफ्तार करो”, “माता-बहनों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान”, “कानून सबके लिए बराबर हो” जैसे नारे लगाए। पूरे मार्ग में जुलूस के कारण माहौल आंदोलनकारी और जनआक्रोश से भरा रहा।
कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद हजारों कार्यकर्ता जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने और राजू दास के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे।
कार्यकर्ता लगभग 3 घंटे तक जिलाधिकारी से मिलने का इंतजार करते रहे। जिलाधिकारी के मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण उपस्थित न हो पाने से समर्थकों में भारी आक्रोश फैल गया। जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में सिटी मजिस्ट्रेट प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारियों को कोई स्पष्ट और संतोषजनक आश्वासन नहीं मिल सका, जिसके बाद नारेबाजी और विरोध और तेज हो गया।
लंबे समय तक चले प्रदर्शन के बाद लगभग शाम 3 बजे सीओ सिटी आईपीएस आसना चौधरी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचीं। उन्होंने विकासशील इंसान पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक मुकेश साहनी एवं प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की और ज्ञापन प्राप्त करते हुए मामले में नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को कार्रवाई के लिए स्पष्ट समयसीमा देते हुए अपना आंदोलन समाप्त किया।
“24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तोवीआईपी के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री से मथुरा मांगेंगे जवाब” — मुकेश सहनी
सभा को संबोधित करते हुए विकासशील इंसान पार्टी के सुप्रीमो मुकेश साहनी ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ सरकार और पुलिस तत्काल कार्रवाई करती है, लेकिन एक लाइव टीवी डिबेट में किसी व्यक्ति और उसकी माता के प्रति कथित रूप से अपमानजनक भाषा का प्रयोग किए जाने के बावजूद कई दिनों बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि कानून का इस्तेमाल राजनीतिक सुविधा के आधार पर नहीं होना चाहिए।
मुकेश साहनी ने कहा, “यदि किसी आम नागरिक, महिला, दलित, पिछड़े या विपक्ष से जुड़े व्यक्ति के सम्मान पर हमला होता है, तो कानून को बिना किसी दबाव के कार्रवाई करनी चाहिए। हम प्रशासन को 24 घंटे का समय दे रहे हैं। यदि निर्धारित समय में मुकदमा दर्ज कर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो हम दोबारा मथुरा आएंगे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे जवाब मांगेंगे कि आखिर राजू दास के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।”
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि न्याय नहीं मिला तो यह आंदोलन केवल मथुरा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे व्यापक स्तर पर पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा।

“राजू दास को सरकारी संरक्षण प्राप्त  — कुंवर सिंह निषाद
कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि लाइव टीवी डिबेट जैसे सार्वजनिक मंच पर उनके साथ जिस प्रकार की कथित अभद्र एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया, वह केवल उनका व्यक्तिगत अपमान नहीं है, बल्कि सार्वजनिक जीवन की मर्यादा और महिलाओं के सम्मान पर भी गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई में हो रही देरी से यह संदेश जा रहा है कि राजू दास को सत्ता और सरकार का संरक्षण प्राप्त है।
कुंवर सिंह निषाद ने कहा, “मैंने कानून और प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई है। मेरी मांग किसी विशेष व्यवहार की नहीं, बल्कि कानून के समान और निष्पक्ष प्रयोग की है। यदि किसी व्यक्ति को सार्वजनिक मंच पर किसी की मां-बहन के प्रति अपमानजनक भाषा बोलने की छूट मिल जाएगी, तो समाज में क्या संदेश जाएगा?”
उन्होंने कहा कि राजू दास के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए अथवा वह सार्वजनिक रूप से अपने शब्दों के लिए माफी मांगें।

“सरकारी संरक्षण में बेलगाम हो रहे हैं दबंग” — मुकेश धनगर
कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश धनगर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज तभी माना जाएगा जब कानून सत्ता के समर्थकों और विरोधियों—दोनों पर समान रूप से लागू हो।
उन्होंने कहा, “सरकारी चैनल के लाइव कार्यक्रम में यदि किसी व्यक्ति के साथ गाली-गलौज और अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और पीड़ित की शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होती, तो यह बेहद गंभीर सवाल है। भाजपा सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि कानून सबके लिए समान है या नहीं।”
उन्होंने कहा कि यदि पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करती है तो कांग्रेस और इंडिया गठबंधन इस मुद्दे को सड़क से लेकर हर लोकतांत्रिक मंच तक उठाने का काम करेगा।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि कुंवर सिंह निषाद की शिकायत पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा शिकायतकर्ता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
प्रमुख रूप से मौजूद रहे
कार्यक्रम में वीआईपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजा राम बिंद, अहमदाबाद प्रदेश अध्यक्ष हरिओम वर्मा निषाद, वरिष्ठ वीआईपी नेता प्रेमचंद कश्यप, महेन्द्र निषाद, जिलाध्यक्ष हेमंत निषाद, बाबा बालदास जी, देवेंद्र निषाद, बलबीर निषाद, कमल किशोर निषाद, मोहन निषाद, विजय निषाद, सत्य प्रकाश निषाद, सुरेंद्र निषाद, हेमराज निषाद, नेम सिंह निषाद एवं शिव कुमार निषाद सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश धनगर, विक्रम बाल्मीकि मनोज गौड़ शिवदत्त चतुर्वेदी रवि वाल्मीकि यूथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव अनाम धन्य तिवारी, कम्युनिस्ट नेता गफ्फार अब्बास एडवोकेट, यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष दुर्गेश बघेल, महेश चौबे संदीप हिंडोल मुकेश निषाद, भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सोनू फौजी, माधव गौतम एडवोकेट, देवकीनंदन एडवोकेट, शालू सिकरवार एडवोकेट, देवकीनंदन कश्यप, डॉ. पुरुषोत्तम निषाद, डालचंद निषाद एडवोकेट, हीरालाल कश्यप, सुमित कश्यप, प्रेमवीर पाराशर, रोहित शर्मा, दिनेश शर्मा, प्रीतम सिकरवार, राहुल सिकरवार एडवोकेट, संजीव कुमार, कोमल सिंह सहित हजारों कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे।
जुलूस और प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं का स्पष्ट संदेश था—“सम्मान के सवाल पर समझौता नहीं होगा और कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और व्यापक होगा।”

- Legend News
 

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