अमेरिका की एक अदालत ने 2008 के मुंबई आतंकी हमला मामले में जेल में बंद तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण को मंज़ूरी दे दी है.
कैलिफ़ोर्निया की एक कोर्ट ने बुधवार को दिए अपने आदेश में कहा कि 62 साल के राणा को उन अपराधों के लिए प्रत्यर्पित किया जा सकता है जिनमें उनके प्रत्यर्पण की मांग की गई है.
26 नवंबर 2008 को हुए मुंबई हमले को पाकिस्तान में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा के चरमपंथियों ने अंजाम दिया था.
इन हमलों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) पाकिस्तानी मूल के कनाडाई व्यापारी तहव्वुर राणा की भूमिका को लेकर जांच कर रही है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार मुंबई हमलों में भूमिका को लेकर ही भारत की ओर से प्रत्यर्पण का अनुरोध किए जाने पर अमेरिका में राणा को गिरफ़्तार किया गया था. 
अदालती सुनवाई के दौरान, अमेरिकी सरकार के वकीलों ने तर्क दिया कि 'राणा को पता था कि उनके बचपन के दोस्त पाकिस्तानी-अमेरिकी डेविड कोलमैन हेडली लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हैं और इस तरह हेडली की मदद करके और उनकी गतिविधियों के लिए उन्हें बचा कर राणा ने चरमपंथी संगठन और उससे जुड़े लोगों की मदद की.' मुंबई आतंकी हमलों में छह अमेरिकियों सहित कुल 166 लोग मारे गए थे.
भारत और अमेरिका के बीच प्रत्यर्पण संधि है. न्यायाधीश ने फ़ैसला सुनाया कि राणा का भारत प्रत्यर्पण पूरी तरह से संधि के अधिकार क्षेत्र में है.
Compiled: Legend News

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