उत्तर प्रदेश के बरेली से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने यूपी चुनाव 2027 को लेकर लोगों से बड़ी अपील की। रविवार को बरेली में प्रेस कांफ्रेस में आमजन से गौमाता की रक्षा के मुद्दे पर वोट करने की अपील की। साथ ही, उन्होंने वोटरों से होशियार रहने को कहा है। शंकराचार्य ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएगा, लव जिहाद-धर्मांतरण जैसे तमाम मुद्दे ध्यान भटकाने के लिए सामने लाए जाएंगे लेकिन जनता को डायवर्ट नहीं होना है। आरएसएस के तीन बच्चे पैदा करने के विचार पर भी शंकराचार्य का बड़ा हमला सामने आया है।
बरेली पहुंचे शंकराचार्य
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती रविवार सुबह बरेली पहुंचे। यहां उन्होंने प्रेस कांफ्रेस में सरकार पर जोरदार हमला बोला। एक सवाल के जबाव में गो-माता की रक्षा के मुद्दे पर वोट करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मैंने सरकार को गो-माता के मुद्दे पर कानून लाने के लिए मोहलत दी थी, लेकिन मेरी बात नहीं सुनी गई। मैं विपक्ष के नेताओं से कहूंगा कि गौ-माता के मुद्दे पर वोट करने के लिए लोगों को प्रेरित करें। 
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जनता से कहना चाहूंगा कि वे गौ-माता की रक्षा के मुद्दे पर वोट करें। साथ ही, उन्होंने कहा कि जैसे ही चुनाव नजदीक आएगा लव जिहाद-धर्मांतरण जैसे तमाम मुद्दे ध्यान भटकाने के लिए सामने लाए जाएंगे लेकिन जनता को डायवर्ट नहीं होना है। उन्हें सिर्फ अपने मुद्दों पर ही वोट करना है। 
गौमाता का बताया महत्व
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हिंदू धर्म में गौ-माता का बड़ा महत्व है। जब भी हिंदुओं के घरों में रोटी बनती है तो पहली रोटी गौ-माता को ही खिलाई जाती है। उन्होंने कहा कि जो गौ-माता की रक्षा के लिए कानून बनाएंगे, हम उसके साथ खड़े हो जाएंगे। मैं पक्ष-विपक्ष किसी के साथ नहीं हूं। जो भी हमारी बात सुनेगा, उसके साथ खड़ा हो जाऊंगा। 
देवभूमि इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने युद्ध की स्थिति पर कहा कि जब युद्ध होता है तो हमेशा दो पक्ष होते हैं। उसमें एक न्याय और दूसरा अन्याय का होता है। जैसे आज एक पक्ष अमेरिका और इजरायल तो दूसरा ईरान है। आश्चर्य है कि पूरी दुनिया के विद्वान इस मुद्दे पर मौन हैं। 
आरएसएस चीफ के बयान पर सवाल
शंकराचार्य ने कहा कि कहा कि भारत शुरू से गुट निरपेक्ष देश रहा है। भारत कभी भी युद्ध में किसी के साथ खड़ा नहीं हुआ। शंकराचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री यहूदियों के पक्ष में हैं। यह बात हमें चिंता में डालती है। साथ ही, उन्होंने आरएसएस चीफ मोहन भागवत के हिंदुओं के तीन बच्चे पैदा करने के सुझाव पर भी सवाल खड़े कर दिए।
शंकराचार्य ने आरएसएस प्रमुख के बयान पर कहा कि पहले प्रचारकों की शादी कराएं और उनके बच्चे पैदा कराएं। अपने स्तर पर जनसंख्या बढ़ाएं। एक तरफ सरकार कह रही है कि जनसंख्या विस्फोट हो रहा है। दूसरी तरफ, ये लोग जनसंख्या बढ़ाने की बात करते हैं। 
-Legend News

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