रिपोर्ट : LegendNews
UP: प्राइवेट कंपनियों को ठेका देने के बाद से ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी शिकायतों में 51% की बढ़ोत्तरी
लखनऊ। परिवहन विभाग की हेल्पलाइन पर अब सबसे ज्यादा शिकायतें ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित आ रही हैं. इसके पीछे वजह है कि लगातार डीएल सेवा सरकारी के बजाय प्राइवेट हाथों में दिया जाना है.
इससे लाइसेंस बनने में समस्याएं आ रही हैं और प्रदेश भर से परिवहन विभाग की हेल्पलाइन पर 51% से ज्यादा शिकायतें डीएल (ड्राइविंग लाइसेंस) से संबंधित हैं. एक फरवरी से 12 फरवरी तक 3920 शिकायतें सिर्फ ड्राइविंग लाइसेंस की आई हैं, जबकि कुल शिकायतों की संख्या 7668 है.
उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग लगातार मैनपावर की कमी के चलते अपनी सेवाओं को प्राइवेट हाथों में सौंप रहा है. फिटनेस की व्यवस्था सरकारी दफ्तर के बजाय अब प्राइवेट हाथों में सौंप दी गई है. ड्राइविंग लाइसेंस की व्यवस्था भी अब निजी हाथों में सौंपी जा रही है.
तीन एजेंसियों को आरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस का ठेका देने के साथ ही अब परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के लिए कई जिलों में डीटीसी खोले जा रहे हैं और यहीं पर ड्राइविंग लाइसेंस की टेस्टिंग शुरू हो रही है.
परिवहन विभाग में आवेदकों की सुविधा का हवाला देकर प्राइवेट हाथों में जो काम सौंपा जा रहा है, उससे सुविधा कम मिल रही है, शिकायतें ज्यादा आ रही हैं. परिवहन विभाग ने हाल ही में प्रदेश के अलग-अलग जोन में तीन नई कंपनियों को ड्राइविंग लाइसेंस का ठेका दिया, लेकिन आवेदकों के ड्राइविंग लाइसेंस समय पर उनके घर पहुंच ही नहीं रहे हैं.
ऐसे में आवेदक लगातार परिवहन विभाग की हेल्पलाइन पर शिकायत कर रहे हैं. शिकायतों का दायरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है. आलम ये है कि 12 दिन में ही लाइसेंस की तकरीबन 4000 शिकायतें हेल्पलाइन पर आई हैं, जिससे परिवहन विभाग के इस फैसले पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
हेल्पलाइन पर कैसी और कितनी शिकायतें
परिवहन विभाग की हेल्पलाइन पर एक फरवरी से लेकर 12 फरवरी तक कुल 7668 शिकायतें आईं. हेल्पलाइन 149 पर कुल 21 तरह की शिकायतों में से सबसे ज्यादा डीएल रिलेटेड शिकायतें हैं. इनकी संख्या 3920 रही. नो रिस्पांस की शिकायत 1490 है. अन्य तरह की 504 शिकायतें हैं.
इलेक्ट्रिक व्हीकल सब्सिडी से संबंधित 500 शिकायतें, बस रिलेटेड 373 शिकायतें, आरसी से संबंधित 246 शिकायतें, चालान से संबंधित 235 शिकायतें, ऑनलाइन टैक्स रिलेटेड 100 शिकायतें, फैंसी नंबर रिलेटेड 83 शिकायतें, हैंग अप 46 शिकायतें, फिटनेस रिलेटेड 37, ब्लैक कॉल 37, परमिट रिलेटेड 23, कंप्लेंट रजिस्टर्ड 20, कंप्लेंट इंक्वायरी 17, वॉइस इश्यू 15, एचएसआरपी प्लेट रिलेटेड 13, प्रैंक कॉल चार, इंश्योरेंस रिलेटेड दो, पॉल्यूशन रिलेटेड दो, और कॉल बैक रिलेटेड एक शिकायत आई. इन शिकायतों में डीएल रिलेटेड सबसे ज्यादा 51.12% शिकायतें आईं.
डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर (आईटी) वीके सिंह का कहना है कि हेल्पलाइन पर लाइसेंस रिलेटेड जो भी शिकायतें आ रही हैं उनका समाधान किया जा रहा है शीघ्र शिकायतों की संख्या काम हो जाएगी. ज्यादातर सुविधाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं, इसलिए आवेदक को इसका लाभ भी मिल रहा है.
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