रिपोर्ट : LegendNews
वार्ता फेल होने की सूचना मिलते ही हार्मुज जा रहे दो पाकिस्तानी जहाजों ने लिया यू टर्न
पाकिस्तान के झंडे वाले दो सुपरटैंकर्स 'शालिमार' और 'खैरपुर', जिन्हें पहले होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की तरफ से बनाए गये 'सुरक्षित मार्ग' की ओर जाने वाले जहाजी यातायात का हिस्सा माना गया था वो अब फारस की खाड़ी में प्रवेश करने से पहले ही वापस लौट रहे हैं। इन दोनों सुपरटैंकर्स ने इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच वार्ता फेल होने के बाद यूटर्न ले लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक ये दोनों टैंकर पहले फारस की खाड़ी में प्रवेश करने के लिए होर्मुज की तरफ जा रहे थे। यह इलाका तेल सप्लाई के लिए बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन अभी यह अत्यधिक तनावपूर्ण बना हुआ है जिसके बाद अब ये दोनों टैंकर खाड़ी में प्रवेश करने से ठीक पहले पीछे मुड़ गए हैं।
जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाले डेटा से पता चलता है कि 11 अप्रैल की देर रात तीन बहुत बड़े कच्चे तेल के टैंकरों, जिनका ईरान से कोई सीधा संबंध नहीं था उन्होंने ओमान की खाड़ी की तरफ से इस संकरे जलमार्ग की तरफ बढ़ना शुरू किया था और 12 अप्रैल की सुबह वे ईरान के लारक द्वीप के पास पहुंच गए थे। बाद में पता चला था कि इन दोनों टैंकर पर पाकिस्तान के झंडे लगे हुए थे। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि शांति वार्ता कम से कम आज पूरा दिन चलेगा और ये दोनों जहाज तब तक होर्मुज पार कर लेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
शालिमार और खैरपुर ने लिया यूटर्न
डेटा से पता चलता है कि उस चेकपॉइंट पर इराक जाने वाला एगियोस फैनोरियोस I और पाकिस्तान के झंडे वाला शालीमार जो यूनाइटेड अरब अमीरात के दास आइलैंड जा रहा था वो वापस लौट गया है। एक तीसरा VLCC मोंबासा B भी आगे बढ़ रहा था और उसने लारक और केशम आइलैंड के बीच से अपना रास्ता बनाया जो फारस की खाड़ी में जाने का ईरान की तरफ से बनाया गया सुरक्षित मार्ग है। हालांकि जहाजों के अचानक यूटर्न लेने की वजह का पता नहीं चल पाया है क्योंकि इराक और पाकिस्तान दोनों को ही पहले ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की इजाजत दी थी।
इसीलिए फिलहाल पता नहीं चल पाया है कि ये जहाज अचानक क्यों मुड़ गये हैं लेकिन इस बात की पुष्टि हो गई है कि इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच वार्ता नाकाम होने के बाद ही इन जहाजों ने अचानक से अपना रास्ता बदला है। दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट में घेराबंदी की घोषणा कर दी है। जिससे एक बार फिर से तनाव बढ़ने का खतरा मंडराने लगा है। इससे संकेत यही मिल रहे हैं कि स्थिति बिगड़ सकते हैं। नवभारत टाइम्स किसी तरह की भविष्यवाणी नहीं कर रहा है। हम बस समुद्री हलचल को लेकर एक संभावित स्थिति के बारे में बता रहे हैं।
-Legend News

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