रिपोर्ट : LegendNews
अमेरिका से मिले डॉलर के लालच में दो सैन्य शासकों ने फेल की पाक की अफगान पॉलिसी: फजलुर्रहमान
पाकिस्तान के एमएनए (सांसद) और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम प्रमुख मौलाना फजलुर्रहमान ने अफगानिस्तान से तनाव के लिए सेना को जिम्मेदार ठहराया है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के हालिया तनाव पर रहमान ने कहा कि हमारी सेना और सरकार की अफगान पॉलिसी हमेशा से फेल रही है। इसकी वजह ये है कि अफगानिस्तान से एक बेहतर और टिकाऊ रिश्ता बनाने के बजाय पाकिस्तानी की सत्ता पर काबिज लोगों ने अपने फायदे को तरजीह दी।
टोलो न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्तान के साथ व्यापार फिर से शुरू करने की मांग को लेकर पाकिस्तानी व्यापारियों ने फजलुर्रहमान से मुलाकात की है। पाकिस्तान ने बीते महीने सीमा पर तनाव के बाद अफगानिस्तान के साथ ट्रेड रोक दिया था। इससे हो रहे नुकसान को बताने के लिए कुछ लोग फजलुर्रहमान से मिले। इन लोगों से बात करते हुए फजलुर्रहमान का गुस्सा अपनी ही सरकार पर फूटा।
हमने डॉलर लेकर समझौते किए
पाकिस्तानी व्यापारियों के साथ मीटिंग में बोलते हुए मौलाना रहमान ने अफगानिस्तान पर पाकिस्तान की पॉलिसी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, अफगानिस्तान को लेकर पाकिस्तान की पॉलिसी खुद को नुकसान पहुंचाने वाली और अव्यावहारिक है। यह नीति पिछले 45 सालों से लगतार फेल हो रही है।
पाकिस्तान में 'मौलाना डीजल' के नाम से मशहूर फजलुर्रहमान ने इस दौरा दावा किया कि देश के दो सैन्य शासकों जिया उल हक और परवेज मुशर्रफ ने खासतौर से अफगान नीति को नुकसान पहुंचाया। फजलुर्रहमान ने कहा कि जिया और मुशर्रफ के समय पाकिस्तान ने अमेरिका से मिले डॉलर के लालच में अफगानिस्तान की स्थिति को बिगाड़ा।
पाक-अफगान तनाव
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के संबंध बीते महीने सीमा पर सैन्य संघर्ष के बाद से तनापवूर्ण बने हुए हैं। इसका असर सीधेतौर पर पाकिस्तान के बाजार और व्यापारियों पर हुआ है। अफगानिस्तान के साथ व्यापार बंद होने के बाद पाकिस्तान के कई क्षेत्रों में फलों और सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं।
दूसरी ओर अफगानिस्तान ना जा पाने की वजह से पोल्ट्री की कीमतों में गिरावट आई है। इससे पाकिस्तान के चिकन के कारोबारियों को मुश्किल का सामना करना पड़ा रहा है। ऐसे में पाकिस्तानी व्यापारियों को दोहरा नुकसान हो रहा है। इसी को लेकर पाकिस्तानी व्यापारी मौलाना फजलुर्रहमान से मिले हैं।
-Legend News

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