यूपी के स्वास्थ्य विभाग में गलत तरीके से किए गए तबादलों को सीएम योगी ने गंभीरता से लिया है। डॉक्टरों के तबादले रोकने को लेकर सीएम योगी ने बड़ा फैसला लिया है। शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ गलत तरीक से किए गए 48 डॉक्टरों के तबादले को रद्द कर दिया। बता दें कि लेवल वन के 313 डॉक्टरों के तबादले गलत तरीके से कर दिए गए थे। उनका नाम गलत सूची में डाल दिया गया था। जिसके बाद 48 डॉक्टरों का तबादला रद्द कर दिया गया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अभी और डॉक्टरों के तबादलों को रद्द किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादलों की लिस्ट पर सीएम योगी का मंथन जारी है। 
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सीएम से की थी शिकायत
यूपी के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों के हुए तबादलों में गड़बड़ी पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने नाराजगी जताई थी। बिना जानकारी के उनके ही विभाग में किए गए तबादलों की शिकायत डिप्टी सीएम ने सीएम योगी आदित्यनाथ से की थी। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने चार जुलाई को मुख्यमंत्री को लिखे पत्र कहा था कि चिकित्सा विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले किए गए थे। इसमें कई तरह की गड़बड़ियां पाई गई हैं। ब्रजेश पाठक ने आपत्ति जताई थी कि तबादलों में स्थानांतरण नीति का पालन नहीं किया गया। उन्होंने पत्र में आपत्ति जताते हुए कहा था कि लखनऊ समेत कई जिलों से विशेषज्ञ डाक्टरों का तबादला कर दिया गया, जबकि उनके स्थान पर अन्य विशेषज्ञ डाक्टरों की तैनाती नहीं की गई। 
ये अधिकारी हुए थे तलब 
स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादलों को गंभीरता से लेते मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक कर अधिकारियों को तलब किया था। साथ ही एसीएस अमित मोहन प्रसाद से भी पूरी जानकारी मांगी गई थी। शासन के सूत्रों का कहना है कि अमित मोहन प्रसाद ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सभी तबादले नियमानुसार किए गए हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को तलब कर पूरे प्रकरण की जानकारी की थी। अब मुख्यमंत्री ने तीन वरिष्ठ आईएएस  की कमेटी बनाकर दो दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी है। इन तबादलों से डॉक्टरों में खासी नाराजगी व्याप्त हो गई है। चिकित्सा संघ ने भी इस पर आपत्ति जताई है। 
-Compiled by Legend News

मिलती जुलती खबरें

Recent Comments

Leave A Comment

Don’t worry ! Your Phone will not be published. Required fields are marked (*).