सौरभ शुक्ला की लिखी और डायरेक्टेड फिल्म 'जब खुली किताब' का ट्रेलर रिलीज हो चुका है। इसमें एक बूढ़े कपल के रिश्ते की कहानी देखने को मिलेगी, जो शादी के 50 साल बाद तलाक लेना चाहता है। पंकज कपूर, डिंपल कपाड़िया, अपारशक्ति खुराना, समीर सोनी जैसे तमाम सितारे इसमें नजर आएंगे। 2 मिनट 15 सेकेंड के इस ट्रेलर में एक फैमिली ड्रामा देखने को मिल रहा है, जहां पर पूरा परिवार डिंपल के किरदार की मौत का इंतजार कर रहा है। वहीं उनके पति के किरदार में पंकज कपूर तलाक लेना चाहते हैं। और इसीलिए वह कोर्ट पहुंचे हैं।
फिल्म 'जब खुली किताब' OTT प्लेटफॉप्म ZEE5 पर 6 मार्च को रिलीज होगी। फिल्म को सौरभ शुक्ला ने लिखा और निर्देशित किया है। कहानी एक ऐसे दंपति की है, जिन्होंने साथ में पचास साल बिताए हैं। उनकी जिंदगी में रोजमर्रा की आदतें, साझा यादें और एक समझ है। इस दंपति में पति 'गोपाल' का किरदार पंकज कपूर निभा रहे हैं। ट्रेलर में गोपाल और अनुसूया की साधारण जिंदगी दिखाई गई है। वे एक-दूसरे को बिना कहे समझ लेते हैं लेकिन जब अनुसूया एक पुराना राज खोलती है, तो गोपाल की दुनिया हिल जाती है। 
'जब खुली किताब' का ट्रेलर
गोपाल (पंकज कपूर) इस सच्चाई से टूट जाता है और आखिर में तलाक लेने का फैसला करता है। यह फैसला वह अंदर चल रही भावनाओं की उलझनों के कारण लेता है। फिल्म इसी मोड़ पर दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है कि क्या पचास साल का रिश्ता एक सच से खत्म हो सकता है या उसमें फिर से समझ और माफी की जगह बन सकती है। 
अपारशक्ति बने हैं वकील
कहानी में एक अहम किरदार एक युवा वकील का भी है, जिसे अपारशक्ति खुराना ने निभाया है। जब गोपाल तलाक का फैसला लेते हैं, तो वे इसी वकील के पास पहुंचते हैं। यह युवा वकील दोनों के रिश्ते के लिए एक आईने की तरह काम करता है। उनके साथ बातचीत के दौरान पुराने जख्म, अधूरी बातें और दबे हुए जज्बात सामने आने लगते हैं।
डिंपल कपाड़िया ने बताया अनुभव
ट्रेलर रिलीज के बाद डिंपल कपाड़िया ने कहा, 'यह फिल्म मेरे लिए बेहद खास है। इसकी कहानी मजबूत है, सभी कलाकार शानदार हैं, और निर्देशक का विजन साफ और संवेदनशील है। फिल्म के जरिए मुझे पहाड़ों की खूबसूरती और वहां की आध्यात्मिक ऊर्जा के बीच काम करने का मौका मिला। इससे मेरा अनुभव ज्यादा खास हो गया।'
डिंपल कपाड़िया ने अपने किरदार के बारे में कहा
उन्होंने 'अनुसूया' के बारे में बात करते हुए कहा, 'यह किरदार गहराई और सच्चाई से लिखा गया है। अनुसूया अपने रिश्ते में ईमानदारी लाना चाहती है। रिश्ते में जब साल बीत जाएं, तो कड़वाहट को लेकर सच बोलना आसान नहीं होता। इसके लिए भावनात्मक साहस चाहिए। मुझे अपने किरदार की यह बात बेहद अच्छी लगी कि अनुसूया की नीयत अपने पति को चोट पहुंचाने की नहीं, बल्कि खुद से और अपने रिश्ते से सच्चा होने की है।'
पंकज कपूर ने फिल्म के बारे में कहा
पंकज कपूर ने कहा, 'आमतौर पर फिल्मों में युवा प्रेम कहानियां दिखाई जाती हैं, लेकिन यहां उम्र के उस पड़ाव की बात हो रही है, जहां लोग जीवन का बड़ा हिस्सा साथ बिता चुके होते हैं। यह कहानी दिखाती है कि प्यार उम्र के साथ खत्म नहीं होता, बल्कि उसका रूप बदल जाता है। कभी वह जटिल हो जाता है, कभी चोट देता है, तो कभी मरहम का काम करता है।'
अपारशक्ति खुराना ने फिल्म की तारीफ की
अपारशक्ति खुराना ने कहा, 'मुझे इस फिल्म में सबसे ज्यादा यह बात पसंद आई कि माफी और रिश्तों को दोबारा जोड़ने की प्रक्रिया को बहुत सहज तरीके से दिखाया गया है। फिल्म भारी-भरकम संवादों के बजाय सादगी और सच्चाई से दिल को छूती है। यह एक दुर्लभ कहानी है, जो दर्शकों को अपने जीवन और रिश्तों पर सोचने के लिए प्रेरित करेगी।' 
-Legend News

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