मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के अहमदपुर के पास स्थित ग्राम खेजड़ा में मुक्तिधाम के बाहर लगा एक अजीबोगरीब बोर्ड इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। मुक्तिधाम के नजदीक पत्थर पर लिखे शब्द ‘कृपया जल्दी पधारें’  ने स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया है। आम तौर पर इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल सामाजिक आयोजनों या आपसी मुलाकातों में किया जाता है, लेकिन जब यही पंक्ति किसी मुक्तिधाम के बाहर नजर आए तो लोगों का चौंकना स्वाभाविक है। यही वजह है कि इस बोर्ड को लेकर गांव और आसपास के क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। 
क्या है स्थानीय लोगों का तर्क?
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि मुक्तिधाम वह स्थान है जहां से व्यक्ति अपनी अंतिम यात्रा प्रारंभ करता है। उनका तर्क है कि इस वाक्य को लिखने का उद्देश्य किसी की मृत्यु की कामना करना नहीं, बल्कि जीवन के अंतिम सत्य की ओर संकेत करना है। उनके अनुसार यह संदेश प्रतीकात्मक रूप से लोगों को याद दिलाता है कि अंततः हर मनुष्य को एक दिन मुक्तिधाम आना ही है इसलिए जीवन में किसी से दुश्मनी न रखें और बुरे कर्मों से बचें।
सनातन धर्मालंबियों ने जताई आपत्ति
वहीं दूसरी ओर प्रांतीय पुजारी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष संजय पुरोहित ने इस बोर्ड पर आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि सनातन धर्म कभी भी किसी की मृत्यु की कामना नहीं करता। सनातन परंपरा में व्यक्ति के दीर्घायु, स्वस्थ और सुखी जीवन की कामना की जाती है। उन्होंने मुक्तिधाम के पास इस प्रकार के शब्द लिखे जाने को अनुचित बताया और कहा कि ऐसे संदेश समाज में गलत भाव उत्पन्न कर सकते हैं।
चर्चा का विषय बना बोर्ड
फिलहाल यह बोर्ड क्षेत्र में बहस का मुद्दा बना हुआ है। कुछ लोग इसे जीवन का सत्य बताने वाला संदेश मान रहे हैं, तो कुछ इसे धार्मिक भावनाओं के विरुद्ध बता रहे हैं। अब देखना यह होगा कि स्थानीय प्रशासन या ग्राम पंचायत इस मामले में कोई कदम उठाती है या नहीं। 
-Legend News

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