ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराग़ची ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट कर देश में अमेरिकी हमलों की निंदा की.
अराग़ची ने लिखा कि अमेरिका ने ईरान के अरब दोस्तों की ज़मीन से बच्चों और मासूमों को निशाना बनाया.
उन्होंने पोस्ट किया, ईरान और अरब भाई सदियों से प्यार, दोस्ती और आपसी सम्मान की भावना से साथ-साथ रहते आए हैं.
अमेरिकी हमलावरों ने हमारे अरब दोस्तों की ज़मीन से बच्चों और मासूमों को निशाना बनाया. जहां तक ईरान की जवाबी कार्रवाई की बात है, तो यह निश्चित तौर पर अमेरिकी अड्डों पर होगी.
ईरान पर अमेरिकी-इसराइली हमले के बाद से ही मध्यपूर्व में तनाव है.
अमेरिका और इसराइल ने 28 फ़रवरी को ईरान के कई ठिकानों पर हमला किया, जिसमें ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई सहित कई बड़े अधिकारियों की मौत हो गई.
अमेरिका-इसराइल के हवाई हमलों के जवाब में ईरान ने अपने अरब पड़ोसियों की ओर सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं.
ईरान ने अरब देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है. 
ईरान में अब तक कितने लोग मारे गए 
संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में ईरान के स्थाई प्रतिनिधि अमीर सईद इरवानी ने कहा है कि 28 फ़रवरी से देश पर अमेरिकी-इसराइली हमलों की वजह से अब तक 1,332 आम लोग मारे गए हैं.
शुक्रवार को (भारतीय समय के अनुसार शनिवार) न्यूयॉर्क में यूएन हेडक्वार्टर में पत्रकारों से इरवानी ने कहा कि ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.
उन्होंने कहा, "हज़ारों लोग घायल हुए हैं और यह संख्या बढ़ती जा रही है."
इरवानी ने आरोप लगाया कि स्कूलों, अस्पतालों और दूसरे आम लोगों के इंफ़्रास्ट्रक्चर को "जानबूझकर" निशाना बनाया गया था.
अमेरिका ने आम लोगों के इंफ़्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने से इनकार किया है. ईरान में लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले के मामले में अमेरिका ने "जांच करने" की बात कही है. इस हमले में 150 से अधिक लोग मारे गए जिनमें ज़्यादातर बच्चियां हैं.
वहीं इसराइल ने ईरान पर अपने आम लोगों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है. 
-Legend News

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