रिपोर्ट : LegendNews
अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर UN की भी प्रतिक्रिया आई
ओमान तट पर अमेरिकी नौसेना ने कमर्शियल जहाजों पर हमले की कार्रवाई की है। इस दौरान तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। इस मामले में अब संयुक्त राष्ट्र (UN) की प्रतिक्रिया सामने आई है। इससे पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राजनयिक को दो बार तलब किया और कड़ा विरोध दर्ज कराया है। बता दें कि एमटी तेल जहाज के इंजन रूम में हमला किया था। इस जहाज पर 24 भारतीय नाविक सवार थे, जिनमें से 3 की मौत हो गई।
5 दिनों में 3 जहाजों पर हमले इस हमले के बाद गुरुवार को भी ओमान तट के पास 20 भारतीय क्रू मेंबर वाले एक जहाज पर अमेरिका की नौसेना ने हमला किया था। पिछले 5 दिनों में अमेरिका ने कुल तीन भारतीय नाविकों वाले जहाजों को निशाना बनाया है। इस घटनाओं को लेकर भारत में अमेरिकी राजनयिक जेसन मीक्स को भारतीय विदेश मंत्रालय बुलाकर आपत्ति दर्ज कराई थी। इन घटनाओं को भारत सरकार ने बेहद चिंताजनक बताया है। UN समेत अन्य संगठनों की तीखी प्रतिक्रिया इन हमलों पर भारत के अलावा संयुक्त राष्ट्र समेत अन्य संगठनों और देशों की अमेरिका की तीखी आलोचना की है। इन हमलों को उन्होंने अस्वीकार्य बताया है। अंतर्राष्ट्रीय मेरीटाइम संगठन ने (अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन) ने अमेरिका की इस दादागीरी को लेकर कहा कि अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग पर असर डालने वाली सभी गतिविधियों में अंतरराष्ट्रीय कानूनों और समुद्र में व्यक्ति की सुरक्षा का पूरा सम्मान होना चाहिए। इसके साथ ही यूएन ने बताया कि वो आईएमओ के बयान से इत्तेफाक रखते हैं।
इस जहाज पर तीन भारतीय नाविकों की हुई थी मौत ये बयान बुधवार को पलाऊ के झंडे वाले टैंकर पर हुए हमले में मारे गए तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद आया है। यह हमला अमेरिकी नौसेना ने किया था, जिसे उसने कबूल भी किया था। जिस जहाज पर ये हमला किया गया था उसका नाम एमटी सेटेबेलो हैं। इसके इंजन वाले रूम में अमेरिका ने मिसालइ से हमला किया था। IMO ने क्या दिया बयान? संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के महासचिव आर्सेनियो डोमिंग्वेज का कहना है, "यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है. मेरी संवेदनाएं उन तीन नाविकों के परिवारों के साथ हैं जिनकी जान चली गई और उन सभी लोगों के साथ भी जो क्रू सदस्यों के बारे में खबर का इंतजार कर रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग पर असर डालने वाली सभी गतिविधियों में अंतर्राष्ट्रीय कानून और समुद्र में जीवन की सुरक्षा का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए। नाविकों की सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है जिसे सबसे ज्यादा अहमियत दी जानी चाहिए।"
-Legend News

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