वृन्दावन। कालीदह/परिक्रमा मार्ग स्थित अखंड दया धाम में मंगलायतन सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में त्रिदिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव अत्यन्त श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ प्रारंभ हो गया है।महोत्सव के प्रथम दिन प्रातःकाल अत्यंत विधि-विधान से रुद्राभिषेक हुआ।तत्पश्चात महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी भास्करानंद महाराज ने अपनी सुमधुर वाणी के द्वारा गोपी गीत पर प्रवचन करते हुए कहा कि गोपी गीत भगवान कृष्ण के प्रति गोपियों के निस्वार्थ प्रेम और भक्ति का प्रतीक है। यह प्रेम इतना गहरा है कि गोपियाँ सांसारिक सुखों और मर्यादाओं को त्यागकर कृष्ण के प्रेम में लीन हो जाती हैं। 

उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत पुराण के दसवें स्कंध में वर्णित गोपी गीत एक महत्वपूर्ण स्तोत्र है, जो भगवान कृष्ण के प्रति गोपियों के प्रेम और समर्पण को दर्शाता है।ब्रज गोपिकाएं सात्विक प्रेम की ध्वजा हैं। सुर, नर और मुनि कोई भी ब्रज गोपिकाएं के निस्वार्थ प्रेम की तुलना नहीं कर सकते हैं।
श्रद्धेय स्वामी भास्करानंद महाराज ने कहा कि गोपी गीत में गोपियों द्वारा भगवान कृष्ण से अपने दुखों को दूर करने की प्रार्थना की गई है। इसका नित्य पाठ करने से भगवान कृष्ण की कृपा प्राप्त होती है और भक्त के लिए भगवत प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। साथ ही भक्तों के जीवन से दुख और कष्ट दूर होते हैं।
इस अवसर पर महाराजश्री की परम् कृपापात्र शिष्या साध्वी कृष्णानंद महाराज ने अपनी सरस वाणी से गोपी गीत का संगीत की मृदुल स्वर लहरियों के मध्य गायन किया।

महोत्सव में गीता आश्रम के अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. अवशेषानंद महाराज, गौरी शंकर धाम के अध्यक्ष डॉ. शिवम साधक महाराज, प्रख्यात साहित्यकार डॉ. गोपाल चतुर्वेदी, डॉ. राधाकांत शर्मा आदि के अलावा देश-विदेश से आए सैकड़ों भक्तों-श्रद्धालुओं की उपस्थिति विशेष रही।
- Legend News

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