नेटफ्लिक्स पर एक तमिल फिल्म 'विश्वनथ एंड संस' नंबर 1 पर ट्रेंड कर रही है। फिल्म की कहानी एक अमीर बिजनेसमैन संजय विश्वनाथ के इर्दगिर्द घूमती है। फिल्म में एक कई ऐसे ट्विस्ट एंड टर्न आते हैं जो आपको सीट से हिलने नहीं देते। एक सरोगेसी से पैदा हुआ बच्चा, उसकी असली मां की तलाश, प्यार और फिर कहानी की हैपी एंडिंग। आखिर इस फिल्म में ऐसा क्या है कि ये पिछले कुछ दिनों से नंबर 1 पर ट्रेंड कर रही है। IMDB पर इस फिल्म को 7।4 की रेटिंग मिली है। 
जानिए फिल्म की कहानी- 
संजय विश्वनाथ की मां क्या चाहती है
संजय एक अमीर बिजनेसमैन होता है। उम्र 40 साल से ज्यादा है लेकिन शूटिंग करने का शौक ऐसा कि सब कुछ भूला दे। संजय की मां चाहती है कि बेटा शादी कर अपना घर बसा ले और इस परिवार को एक नन्हा मेहमान दे दे। संजय शुरुआत में तो मना अकर्ता है, लेकिन फिर उसे अमेरिका में रहने वाली एक लड़की से बात करने को कहा जाता है। दोनों कुछ समय के लिए बाद करते हैं और संजय अक्सर अमेरिका जाता है। शुरुआत में तो लगता है कि वो उस लड़की से मिलने जा रहा है लेकिन जब वो वापस आता है तो एयरपोर्ट पर उसे एक बच्चे के साथ देखा जाता है।संजय बनता है बिन ब्याह वाला पिता
संजय एयरपोर्ट पर मीडिया के सामने ये एलान करता है कि ये उनका बच्चा है। वो सरोगेसी की मदद से इस बच्चे के पिता बने हैं। जब ये बात संजय की मां लो पता चलती है तो वो बहुत नाराज होती है। लेकिन बाद में बच्चे की मासूमियत उसका दिल पिघला देती है। मां और संजय अपने बेटे का अच्छे से पालन करते हैं लेकिन एक दिन इनकी दुनिया पलट जाती है। बच्चे को खून की उल्टियां होती हैं। जब हॉस्पिटल में जांच होती है तो पता चलता है बच्चे को एक दुर्लभ बीमारी है, बोन मैरो ट्रांसप्लांट होगा। बच्चे की सरोगेट मदर की तलाश के लिए वो अमेरिका जाता है और उसे पता चलता है एक 22 साल की लड़की ने इस बच्चे को जन्म दिया था। 
सेरोगेट मां की तलाश
संजय उस लड़की जिसका नाम मैडी होता है, उसे बताता है कि उस बच्चे को बोन मैरो ट्रांसप्लांट की जरूरत है। मैडी पैसों की मांग करती है और इस ट्रीटमेंट के लिए मान जाती है। वो भारत आती है जब बच्चे के साथ समय बिताती है, संजय की मां को समझती है तो उसे यहां सब अच्छा लगने लगता है। वो संजय की अच्छाइयों को भी पसंद करने लगती है और उसे संजय से प्यार हो जाता है। अब वो वापस अमेरिका नहीं जाना चाहती। ये जानकर संजय की मां खुश हो जाती है। लेकिन संजय को दोनों की उम्र में 20 साल का गैप दिखता। वो इस रिश्ते को नहीं स्वीकारता। बाद में संजय की मां का निधन हो जाता है। और सौतेली मां रवीना टंडन की एंट्री हो जाती है।
संजय और मैडी का रिश्ता
संजय, मैडी वो वापस भेज देता है इस वादे के साथ कि वो पहले अपनी पढ़ाई पूरी करे। दूसरी तरफ वो अपनी सौतेली बहनों की शादी करवाता है। बेटे की अकेले ही परवरिश करता है। मैडी 5 साल बाद अपनी पढ़ाई कर वापस आती है। दोनों एक दूसरे को स्वीकार कर लेते हैं। दोनों मिलकर बच्चे की परवरिश करते हैं। अब उम्र का गैप भी इन दोनों के बीच में नहीं आता। 
-Legend News

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