रिपोर्ट : LegendNews
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, वह SCBA की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं कर सकती
सर्वोच्च अदालत ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) को कोई भी एकतरफा प्रस्ताव पारित करने से रोकने से इंकार कर दिया। अदालत ने कहा कि वह बार एसोसिएशन की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं कर सकती।
सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह मामला एससीबीए के आंतरिक मामलों से जुड़ा हुआ है। अदालत ने याचिकाकर्ता को अपनी शिकायत एससीबीए की चुनाव समिति के समक्ष रखने का निर्देश दिया।
किस याचिका पर सुनवाई कर रही थी पुलिस?
पीठ ने याचिकाकर्ता से अपनी शिकायतों को लेकर एससीबीए की चुनाव समिति से संपर्क करने को कहा। शीर्ष अदालत आशीष गोपाल गर्ग की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के प्रति एकजुटता व्यक्त करने वाले एससीबीए के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई गई थी। याचिका में चुनाव होने तक एससीबीए को कोई भी प्रस्ताव पारित करने से रोकने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।
क्या है मामला?
गौरतलब है कि एससीबीए ने 16 जुलाई को सोनम वांगचुक से अपना अनशन समाप्त करने की अपील की थी। वांगचुक ने नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों और शिक्षा व्यवस्था की खामियों की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए अनशन शुरू किया था।
एससीबीए ने अपने प्रस्ताव में कहा था कि वांगचुक ने देश के बच्चों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को उठाने के लिए अपने स्वास्थ्य और जीवन को जोखिम में डाल दिया है। एससीबीए के अध्यक्ष विकास सिंह जंतर-मंतर जाकर वांगचुक से मिले थे और उन्हें अनशन समाप्त करने का आग्रह करते हुए एक पत्र भी सौंपा था।
-Legend News

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