नई दिल्ली। कुछ कहानियां सिर्फ सफलता की नहीं होतीं, बल्कि हौसले, संघर्ष और उम्मीद की मिसाल बन जाती हैं. मध्य प्रदेश के सागर में रहने वाले सुनील लोधी की कहानी भी ऐसी ही है. जन्म से दृष्टिबाधित सुनील ने कभी स्कूल की पढ़ाई नहीं की, लेकिन अपनी मधुर आवाज के दम पर उन्होंने वह मुकाम हासिल किया, जिसकी कल्पना भी शायद उन्होंने कभी नहीं की थी. आज उनकी आवाज फिल्म ‘हनुमान अंश' के लोकप्रिय बुंदेली भजन ‘मैंने तुम्हारे भरोसे हनुमान सागर में नैया डाल दई' के जरिए देशभर में सुनी जा रही है. कभी जीवन की मुश्किलों से टूट चुके सुनील आज लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन गए हैं.

संघर्षों के बीच पला-बढ़ा एक अनोखा हुनर
सागर निवासी सुनील लोधी जन्म से दृष्टिबाधित हैं. बचपन से ही उन्हें सामान्य बच्चों की तुलना में कहीं ज्यादा चुनौतियों का सामना करना पड़ा. आर्थिक रूप से भी परिवार बहुत मजबूत नहीं था. इसी वजह से सुनील कभी स्कूल नहीं जा सके. हालांकि, संगीत में उनकी रुचि बचपन से ही थी और धीरे-धीरे गायन उनकी पहचान बनता गया.

जब जिंदगी से हार मानने का ख्याल आया
सुनील बताते हैं कि उनके जीवन में एक दौर ऐसा भी आया, जब वे बेहद निराश हो गए थे. एक बार दोस्तों के साथ नदी किनारे घूमने के दौरान वे उनसे बिछड़ गए. उस समय अकेलेपन और परेशानी ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया. हालात ऐसे बन गए कि उनके मन में जिंदगी को लेकर नकारात्मक विचार आने लगे. उन्हें लगने लगा कि आगे का रास्ता बेहद मुश्किल है.

दोस्त रोहित ने बदली जिंदगी की दिशा
मुश्किल वक्त में उनके दोस्त रोहित ने उनका साथ नहीं छोड़ा. रोहित ने उन्हें हिम्मत दी और उनकी आवाज को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया. इसके बाद सुनील ने बुंदेली भजन गाने शुरू किए. रोहित उनके भजनों को रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर अपलोड करने लगे. धीरे-धीरे लोगों को उनकी आवाज पसंद आने लगी और उनके गाने ज्यादा लोगों तक पहुंचने लगे.

- Legend News

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