रिपोर्ट : LegendNews
ओडिशा स्थिति जगन्नाथ धाम में रथ यात्रा का आयोजन 16 जुलाई से 24 जुलाई तक
ओडिशा स्थिति जगन्नाथ धाम चार धाम में से एक है। हर साल ओडिशा के पुरी में स्थित जगन्नाथ धाम में रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है। जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलराम के साथ बड़े बड़े रथों में सवार होकर जगन्नाथ मंदिर से गुडिचा मंदिर तक जाते हैं। इस साल 2026 में जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन 16 जुलाई को किया जाएगा और 24 जुलाई तक यह उत्सव मनाया जाएगा। जगन्नाथ धाम में हर साल रथ यात्रा में शामिल होने के लिए लाखों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। आइए जानते हैं जगन्नाथ रथ यात्रा से जुड़ी सभी जरुरी जानकारी।
जगन्नाथ रथ यात्रा का महत्व और तारीख
जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भक्त रथों की रस्सियों को खींचकर भगवान की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त होता है। ऐसा कहा जाता है कि इस यात्रा में जो भी व्यक्ति सच्चे मन से शामिल होता है उसे पुण्य की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि रथ खींचने से अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही इस यात्रा को करने से व्यक्ति को इश्वर से जुड़ाव महसूस होता है। बता दें कि स्नान पूर्णिमा के दिन यानी 29 जून को भगवान जगन्नाथ का 108 घड़ो से स्नान कराया जाएगा। जिसके बाद भगवान जगन्नाथ बीमार हो जाते हैं और अगले 15 दिनों तक उनके दर्शन बंद कर दिए जाते हैं। इसके बाद ही रथ यात्रा आरंभ की जाती है।
जगन्नाथ रथ यात्रा से जुड़ी जरुरी जानकारी
भगवान जगन्नाथ के रथ का नाम नंदी घोष है। इस रथ में कुल 16 बड़े बड़े पहिए होते हैं। यह पहिएं इसे विशेष और भव्य बनाते हैं।
इसका निर्माण लगभग 332 लकड़ी के टुकड़ों से किया जाता है। रथ की लंबी ऊंचाई लगभग 45 फीट की होती है।
इस रथ का लाल और पीले रंग से बहुत ही सुंदर तरीके से सजाया जाता है।
इस रथ के ऊपर हनुमान जीऔर नृसिंह भगवान के प्रतीक चिन्ह बनाए जाते हैं।
भगवान जगन्नाथ का रथ यात्रा का दौरान सबसे पीछे चलता है।
भगवान बलराम के रथ से जुड़ी जरुरी जानकारी
भगवान बलभद्र यानी बलराम जी के रथ का नाम तालध्वज है। इस रथ में 14 बड़े पहिएं होते हैं।
इस रथ की उंचाई 44 फीट की होती है। इस रथ को नीले रंगों से सजाया जाता है।
जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान बलराम जी का रथ यात्रा के दौरान सबसे आगे चलता है।
देवी सुभद्राजी के रथ से जुड़ी जरुरी जानकारी
देवी सुभद्रा के रथ का नाम दर्पदलन है।
इस रथ में कुल 12 पहिएं होते हैं। रथ की ऊंचाई 43 फीट की होती है। यह रथ काले रंग से सजाया जाता है।
जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान देवी सुभद्रा का रथ बलराम और जगन्नाथजी के रथ के बीच में चलता है।
-Legend News

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