ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमले के बाद कच्चे तेल में उछाल जारी है. अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में क्रूड की क़ीमत 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई.
तेल और गैस की आपूर्ति के लिए दुनिया के सबसे अहम रास्तों में से एक स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के बंद होने के बाद कच्चे तेल की क़ीमतों में उछाल आया है.
होर्मुज़ स्ट्रेट अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध की वजह से बंद है.
ब्रेंट क्रूड की क़ीमतों में 18 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी हुई और यह 108.68 डॉलर प्रति बैरल हो गया है. वहीं अमेरिकी तेल डब्ल्यूटीआई क़रीब 20 फ़ीसदी बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया.
फ़रवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद यह कच्चे तेल की क़ीमतों में सबसे बड़ी बढ़ोतरी है. उस समय भी कच्चे तेल की क़ीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से काफ़ी ऊपर चली गई थी. 
तेल की दरों में बढ़ोत्तरी 'चुकाने लायक बहुत छोटी क़ीमत': ट्रंप 
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष की वजह से तेल की क़ीमतों में तेज़ बढ़ोत्तरी अपने आप ठीक हो जाएगी और यह ग्लोबल सिक्योरिटी के लिए चुकाने लायक एक 'छोटी क़ीमत' है.
उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, "कम समय के लिए तेल की क़ीमतें बढ़ी हैं, जो ईरान के परमाणु ख़तरे के ख़त्म होते ही तेज़ी से नीचे आ जाएंगी. अमेरिका और दुनिया की सुरक्षा और शांति के लिए यह बहुत छोटी क़ीमत है."
उन्होंने आगे लिखा, "सिर्फ़ मूर्ख ही इससे अलग सोचेंगे."
फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद कच्चे तेल की क़ीमतों में यह सबसे बड़ी बढ़ोत्तरी है.
-Legend News

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