मथुरा। अपने कैरियर को लेकर  विद्यार्थियों में जागरूकता धीरे धीरे बढ़ती जा रही है। मोटी फीस देने के बाद भी अच्छी गुणवत्ता वाली शिक्षा बच्चों का अधिकार है, यदि वह न मिले तो होशियार बच्चे जागरूक हो हक की आवाज हिम्मत कर उठा देते हैं लेकिन अफसोस क‍ि शिक्षा अधिकारियों को यह सब देखने की फुर्सत नहीं है और मूकदर्शक बने रहते हैं, यद‍ि किसी भी प्रकार से मामला संज्ञान में आ भी जाता है तो अपने विकास में लग जाते हैं। 

ताजा मामला राधेश्याम जमुनादेवी बालिका इंटर कॉलेज छाता का है, यह 1200 रुपये प्रतिमाह फीस देने के बाद भी योग्य टीचर्स नियुक्त नहीं है। इस व्यवस्था के विरोध स्वरूप विद्यालय की छात्राओं ने कॉलेज के मुख्य गेट पर बैठ अपनी पढ़ाई की। कक्षा 12 की कॉमर्स की छात्रा मोनिका चौधरी का आरोप है कि कॉमर्स के टीचर मुकुल को सही ढंग से हिंदी अंग्रेजी तक पढ़नी नहीं आती है। गूगल देख कर पढ़ाई कराते हैं, जब कुछ पूछते हैं तो अभद्र व्यवहार करते हैं।

एक अन्य छात्रा संध्या ने बताया क‍ि यह गंगा श्याम शर्मा का विद्यालय है और वह गांधी इंटर कॉलेज छाता में क्लर्क है। विद्यालय की मैनेजर उनकी पत्नी राधा शर्मा हैं, उनके बेटे की पत्नी प्रिंसिपल हैं, बेटी, बेटा ओर अन्य परिजन मैनेजमेंट और टीचर बने हुए  हैं। कक्षा 12 में 10 साइंस की और 20 कॉमर्स की छात्रा पढ़ती हैं। पढ़ाई का स्तर खत्म हो चुका है। आरोप है कि गंगा श्याम जिस विद्यालय में क्लर्क हैं वहां वह बहुत कम जाते हैं। इस सबध में जिला विद्यालय निरीक्षक मथुरा और जिलाधिकारी मथुरा से शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
 
छात्राओं की मांग है क‍ि बोर्ड परीक्षा फरवरी में शुरू हो जाएगी और अब समय कम है विद्यालय में तत्काल योग्य टीचर की भर्ती की जाए। बच्चों से अभद्र व्यवहार करने वाले विद्यालय प्रबंधन गंगा श्याम शर्मा के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए, वहीं दूसरी ओर विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि विद्यालय में योग्य शिक्षक हैं। अब देखने वाली बात यह है कि जिला विद्यालय निरीक्षक मथुरा राघवेंद्र सिंह विद्यालय के खिलाफ क्या कार्यवाही करते हैं।

- Legend News

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