ताइवान ने लेबनान में हिज़्बुल्लाह के पेजर में धमाके पर सफ़ाई दी है. ताइवान की सरकार ने कहा है कि हथियारबंद ग्रुप हिज़्बुल्लाह द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे हज़ारों पेज़र के पार्ट्स उसके देश में नहीं बने थे.
यह बयान ताइवानी कंपनी गोल्ड अपोलो के उस बयान के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि इस हमले में इस्तेमाल किए गए उपकरणों को उसने नहीं बनाया था.
लेबनान की सरकार ने कहा है कि मंगलवार को हुए हज़ारों धमाकों में कम से कम 3,000 लोग घायल हुए हैं और 12 लोगों की मौत हुई, जिसमें दो बच्चे शामिल हैं.
पेजर के अलावा वॉकी टॉकी में भी धमाके हुए और इसके लिए इसराइल पर आरोप लग रहे हैं और इसकी वजह से दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया है.
शुक्रवार को ताइवान के वित्त मंत्री कुओ जिय-हुएई ने पत्रकारों से कहा, "हिज़्बुल्लाह के पेजरों के पुर्ज़े हमारे यहां नहीं बनाए गए थे."
उन्होंने कहा कि इस बारे में एक न्यायिक जांच पहले ही शुरू कर दी गई है.
उन्होंने कहा, "मैं सच्चाई से पर्दा उठाना चाहता हूं, क्योंकि ताइवान ने कभी भी उस मॉडल का पेजर निर्यात नहीं किया है."
इससे पहले गोल्ड अपोलो के प्रमुख सू चिंग-कुआंग ने कहा था कि उसके उपकरणों का इन हादसों से कोई संबंध नहीं है.
हुएई ने कहा कि उन्होंने हंगरी की कंपनी बीएसी कंसल्टिंग को गोल्ड अपोलो का ब्रांड नाम इस्तेमाल करने के लाइसेंस दिया था.
हालांकि बीएसी की सीईओ क्रिस्टियाना बारसोनी- आसिडियाकोनो ने अमेरिकी न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म एनबीसी से कहा था कि उनकी कंपनी ने ये पेजर नहीं बनाए हैं.
हंगरी की सरकार ने कहा है कि 'देश में बीएसी की कोई मैन्यूफ़ैक्चरिंग या संचालन फ़ैक्ट्री नहीं है.'
लेकिन न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में इसराइली इंटेलिजेंस अधिकारियों के हवाले से कहा कि बीएसी एक शेल कंपनी थी, जो इसराइल के लिए काम करती थी. 
-Legend News

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