नई दिल्ली। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन की उस याचिका को ख़ारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन रद्द किए जाने को चुनौती दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को सुनवाई योग्य नहीं माना और ख़ारिज कर दिया.

हालांकि अदालत ने उन्हें जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत चुनाव याचिका दायर कर इस फ़ैसले को चुनौती देने की अनुमित दी है.

जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस ए.एस. चंदूरकर की बेंच ने संविधान के अनुच्छेद 329 में निहित प्रतिबंध का हवाला देते हुए अपने रिट अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करने से इनकार कर दिया.

बता दें, मीनाक्षी नटराजन की नामांकन को खारिज किए जाने को चुनौती याचिका में रिटर्निंग ऑफिसर (निर्वाचन अधिकारी) के उस आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें उनका नामांकन खारिज कर दिया गया था. इस पर कोर्ट नंबर 6 में आइटम नंबर 53 के तौर पर सुनवाई होनी है.

यह घटनाक्रम तब हुआ है जब निर्वाचन अधिकारी ने नटराजन के चुनावी हलफनामे में कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए उनके नामांकन पत्र खारिज कर दिया. इस फैसले के बाद कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया है और चुनाव आयोग पर गलत तरीके से काम करने का आरोप लगाया है.

बीते दिनों, कांग्रेस के 10 सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे पर चिंता जताने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की. 

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को चुनाव आयोग और बीजेपी, दोनों की आलोचना की. उन्होंने दोनों के बीच "जुगलबंदी" का आरोप लगाया और इसे "सीट चोरी" करार दिया. राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में, राज्यसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश से कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने का मुद्दा उठाया.

उन्होंने कहा, "वोट चोरी और सरकार चोरी के बाद, BJP और EC (चुनाव आयोग) की जुगलबंदी (मिलीभगत) ने 'सीट चोरी' के जरिये मुकाबले को शुरू होने से पहले ही खत्म कर दिया है. हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों को ही देख लीजिए. कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन जी ने सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए थे. उन पर कोई केस भी लंबित नहीं था. फिर भी, चुनाव आयोग ने BJP की एक तुच्छ आपत्ति पर उनका नामांकन रद्द कर दिया."

राहुल गांधी ने इस बात पर भी जोर दिया कि झारखंड से राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने फॉर्म में अपना नाम गलत लिखा और जरूरी जानकारी भी नहीं दी, फिर भी चुनाव आयोग ने उन्हें गलती सुधारने का समय दिया.

उन्होंने कहा, "बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने फॉर्म में अपना ही नाम गलत लिख दिया था और कई जरूरी जानकारी नहीं दी थी. चुनाव आयोग ने उन्हें सब कुछ ठीक करने के लिए अतिरिक्त समय दिया."
- Legend News
 

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