रिपोर्ट : LegendNews
हंगामे के बीच यूपी विधानसभा में ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश
उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र का दूसरा दिन राजनीतिक रूप से बेहद सरगर्मियों भरा रहा। सत्र की कार्यवाही शुरू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की अहम बैठक हुई, जिसमें प्रदेश के समग्र विकास से जुड़े 21 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
इसके बाद जैसे ही दोपहर 12:20 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई, समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के विधायक विभिन्न जनहित के मुद्दों, कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर हाथ में तख्तियां लेकर वेल में उतर आए। विपक्ष की प्रचंड नारेबाजी और शोर-शराबे के बीच ही वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹59,019.54 करोड़ का पहला अनुपूरक बजट पटल पर रखा।
2027 चुनाव की बिसात और विपक्ष का वेल में प्रदर्शन
वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की छाया इस अनुपूरक बजट पर साफ देखने को मिल रही है। जहां एक तरफ योगी सरकार ने अपनी प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए जनता से जुड़ी लुभावन योजनाओं को आगे बढ़ाया है, वहीं विपक्ष सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सपा विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके चलते विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित भी करनी पड़ी। हालांकि, हंगामे के बीच ही सरकार ने अपनी बजटीय औपचारिकताएं पूरी कीं।
एक्सप्रेसवे, छात्राओं को मुफ्त स्कूटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर दांव
इस अनुपूरक बजट के जरिए राज्य सरकार ने प्रदेश में कनेक्टिविटी और महिला सशक्तिकरण को नई धार देने की कोशिश की है। नए लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को गति देने और मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी वितरित करने की योजना के लिए विशेष फंड निर्धारित किया गया है।
इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत ढांचा सुधारने, आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और ग्राम प्रहरियों के मानदेय में बढ़ोतरी की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।
प्रमुख विभागों को आवंटन: क्या कहता है आधिकारिक बजट लेखा-जोखा?
सदन में प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार, ₹59,019.54 करोड़ के कुल अनुपूरक बजट में ₹17,334.52 करोड़ राजस्व मद और ₹41,620.04 करोड़ विकास कार्यों के लिए रखे गए हैं।
औद्योगिक विकास एवं भारी उद्योग: प्रदेश में रोजगार और निवेश बढ़ाने के लिए इस विभाग को सबसे बड़ा हिस्सा मिला है। पूंजीगत मद में ₹20,905.88 करोड़ तथा राजस्व मद में ₹1,303.01 करोड़ का आवंटन हुआ है।
ऊर्जा एवं लोक निर्माण: ऊर्जा विभाग को मजबूत करने के लिए ₹6,958 करोड़ (राजस्व) तथा ₹4,000 करोड़ (पूंजीगत) मंजूर किए गए हैं। वहीं, सड़कों-सेतुओं के लिए लोक निर्माण विभाग को ₹700 करोड़ मिले हैं।
शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज कल्याण: प्राथमिक शिक्षा के सुदृढ़ीकरण हेतु ₹3,512.25 करोड़, माध्यमिक शिक्षा को ₹74.50 करोड़, एलोपैथिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को ₹1,100 करोड़ तथा समाज कल्याण (अनुसूचित जाति/जनजाति) विभाग को ₹1,655 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
ग्राम विकास और पंचायती राज: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के उद्देश्य से ग्राम विकास विभाग को पूंजीगत मद में ₹14,184.71 करोड़ और पंचायती राज को ₹156.33 करोड़ दिए गए हैं।
-Legend News

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