रिपोर्ट : LegendNews
CSIR नेट परीक्षा के केंद्र 'सुभारती' में सेंधमारी, एडमिन इंचार्ज सहित 2 गिरफ्तार
मेरठ। यूपी की योगी सरकार नक़ल और पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून तो लेकर आ गई लेकिन, गड़बड़ी करने वाले इससे बाज नहीं आ रहे. UGC-CSIR NET की परीक्षा में भी सेंधमारी हो गयी. इसका खुलासा यूपी STF ने किया है. मेरठ के सुभारती यूनिवर्सिटी के एग्जामिनेशन लैब से कंप्यूटर की स्क्रीन शेयर कर यह धांधली की गई.
UGC-CSIR NET परीक्षा में सेंधमारी के मामले में यूपी एसटीएफ ने मेरठ के सुभारती यूनिवर्सिटी में छापेमारी कर बड़ा खुलासा किया है. मेरठ का सुभारती यूनिवर्सिटी भी इस बार परीक्षा केंद्र था. जब एसटीएफ़ ने छापेमारी की तो बड़ा खुलासा हुआ. यूनिवर्सिटी के एग्जामिनेशन लैब के सर्वर के साथ छेड़छाड़ की गई थी. इतना ही नहीं कंप्यूटर स्क्रीन को शेयर कर बाहर बैठे सॉल्वर्स ने पेपर को सॉल्व किया था. STF ने सर्वर रूम से दो लैपटॉप में एनी डेस्क टूल के साथ जब्त किया है. साथ ही दो आरोपियों को हिरासत में लिया है.
दरअसल, शुक्रवार को जब यूपी एसटीएफ ने छापेमारीकी तो इस दौरान एग्जामिनेशन लैब के सर्वर रूम से लोकल एरिया नेटवर्क के ज़रिए एक्स्ट्रा एडमिन कंप्यूटर कनेक्ट मिला. सर्वर रूम में दो लैपटॉप मिले जिसमें एनी डेस्क रिमोट एक्सेस टूल मिला. एग्जाम कराने वाले एक कर्मचारी से मोबाईल मिला. मोबाइल में चार अभ्यर्थियों के नाम, रोल नंबर और उनके सिस्टम का IP एड्रेस मिला. इस IP एड्रेस को सेंटर के बाहर एक व्यक्ति को शेयर किया गया था, जिससे इन अभ्यर्थियों का स्क्रीन शेयर किया गया था. इनके प्रश्नपत्र को बाहर से सॉल्वर हल कर रहे थे. 25 जुलाई को भी पहली और दूसरी पाली में हुए एग्जाम में 11 अभ्यर्थी के नाम मोबाइल की डिलीट फाइल से मिली.
STF चीफ अमिताभ यश ने दी जानकारी
STF चीफ और ADG लॉ एंड आर्डर अमिताभ यश ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर शुक्रवार को सुभारती यूनिवर्सिटी में यूजीसी सीएसआईआर नेट एक एग्जाम में धांधली की गई. छापेमारी के दौरान पता चला का की एग्जामिनेशन लैब के सर्वर के साथ छेड़छाड़ की गई थी. इस मामले में दो लोगों को हिरासत में भी लिया गया है. अमिताभ यश ने बताया कि लैब के एक कर्मचारी अरुण कुमार से एक मोबाइल भी मिला है जिसमे चार लोगों के नाम भी मिले हैं जिनके पास सिस्टम के आईपी को शेयर किया गया था. अभ्यर्थियों के मोबाइल का आईपी एड्रेस दूसरों को शेयर किया गया था. सॉल्वर इसके जरिये ही उनका प्रश्नपत्र हल कर रहा था. गौरतलब है कि योगी सरकार में नक़ल और पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाया है, बावजूद इसके सॉल्वर्स गैंग और नक़ल माफिया रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं.
- Legend News

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