रिपोर्ट : LegendNews
आज पूरा मेरठ बंद, सेंट्रल मार्केट में सीलिंग का व्यापारियों ने किया जबरदस्त विरोध
मेरठ। शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आवास विकास परिषद द्वारा सीलिंग की कार्रवाई की गई है. इस दौरान गहमागहमी मची रही. स्थानीय व्यापारी सीलिंग का जबरदस्त विरोध कर रहे हैं. इसी कड़ी में गुरुवार 9 अप्रैल को मेरठ बंद का आह्वान किया गया है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मेरठ के सेंट्रल मार्केट में बेहद तनावपूर्ण माहौल रहा. आवास विकास परिषद की टीम जब 44 प्रतिष्ठानों को सील करने पहुंची, तो व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने टीम का घेराव कर दिया. व्यापारियों ने आवास विकास परिषद पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए. जमकर जोरदार नारेबाजी की गई.
आवास विकास परिषद की टीम द्वारा जिस समय सीलिंग की कार्रवाई की गई, तब भी व्यापारी और उनके परिवार के लोग परिषद के खिलाफ एकजुट होकर बैठे रहे. इसी बीच व्यापारी अशोक गिरधर की तबीयत अचानक बिगड़ गई.
हर तरफ पल भर में ही यह सूचना वायरल हो गई कि उन्हें हार्ट अटैक आया है. व्यापारी के अचानक बेहोश होने पर आवास विकास परिषद की टीम ने सीलिंग की कार्रवाई को एक घंटे के लिए रोक दी.
आननफानन मे व्यापारी को उपचार के लिए एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया. दोपहर को जब सीलिंग की कार्रवाई शुरु हुई तो व्यापारी जमीन पर बैठकर राम-नाम जपते हुए अपना विरोध जताते रहे.
व्यापारी नेता जीतू नागपाल ने कहा कि आवास विकास परिषद ने लैंड यूज चेंज करने का भरोसा दिया था, जिसके लिए व्यापारियों ने लगभग 75 करोड़ रुपए की धनराशि भी जमा कराई थी.
फिर भी व्यापारियों की दुकानों को सील किया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर स्कूल भी सील किया गया है. स्थानीय व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश और कार्रवाई के लिए आवास विकास परिषद के अफसरों को जिम्मेदार माना है.
इस कार्रवाही के दौरान व्यापारी संगठनों ने एलान किया कि गुरुवार 9 अप्रैल को मेरठ बंद रहेगा. व्यापारी नेताओं का दावा है कि इस बंद तमाम संगठनों का साथ मिला है.
लोगों का कहना है कि इस कार्रवाई के लिए व्यापारी मानते हैं कि आवास विकास परिसद दोषी है. परिषद ने व्यापारियों से लगभग 75 करोड़ रुपए की धनराशि भी इकट्ठा कराई लेकिन अदालत में कोई जिक्र नहीं किया गया.
व्यापारी धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि वह इस मार्केट में 15 साल से दुकान चला रहे हैं. इस कार्रवाई से सभी परेशान हैं. उन्होंने बताया कि 1 से डेढ़ लाख व्यापारी और उनके परिवार को यह परेशानी झेलनी पड़ रही है. हमारे लिए कोई जनप्रतिनिधि यहां नहीं पहुंचा.
क्या है कानूनी समाधान: सीलिंग के विरोध में गुरुवार को मेरठ बंद का आह्वान किया गया है. व्यापारियों के परिवार में चूल्हे नहीं जले और लोगों ने जमकर विरोध किया. व्यापारियों का कहना है कि भ्रष्ट अधिकारी महलों में आनंद ले रहे हैं और ईमानदार व्यापारी सड़क पर धूप में अपनी रोजी-रोटी बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं.
वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद कश्यप ने कहा कि अब गेंद शासन के पाले में है. व्यापारियों को कमिश्नर के जरिए मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजना चाहिए. विधानसभा में 'लैंड यूज' को लेकर एक विशेष विधेयक (Bill) लाकर ही इन व्यापारियों के उजड़े व्यापार को दोबारा बसाया जा सकता है.
व्यापार संघ के अजय गुप्ता ने साफ किया कि सरकार से बातचीत जारी है, लेकिन सवाल वही है कि जब तक भ्रष्ट अधिकारियों की संपत्ति कुर्क नहीं होती, तब तक इंसाफ अधूरा है.
BJP नेता व्यापारियों के साथ: व्यापारियों के बीच में पहुंचे भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा ने व्यापारियों के बीच में खड़े होकर कहा कि पहले उन 44 अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, जिनकी वजह से मेरे व्यापारियों का व्यापार उजड़ गया है. उन अधिकारियों पर भी सीलिंग की कार्रवाई से लेकर ध्वस्तीकरण तक की कार्रवाई होगी.
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