मथुरा। सहायक श्रमायुक्त एम0एल0 पाल द्वारा अपने कार्यालय में बाल श्रमिक अभियान के तहत बैण्ड, बाजा और रोड़ लाइट के मालिकों के साथ एक बैठक कर बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम के बारे में जानकारी देते हुए किशोरों एवं बाल श्रमिकों से कार्य नही लेने की अपील है। 

अधिनियम के अन्तर्गत 14 वर्ष की आयु से कम  वर्ष के बच्चे से कही भी कार्य नहीं करा सकते और खतरनाक प्रक्रिया में 18 वर्ष से कम आयु के किशोरों से भी कार्य कराया जाना पूर्णतः निषेध किया गया है। 14 वर्ष से कम आयु के बाल श्रमिकों से काम कराने पर अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार रुपए 20 हजार से 50 हजार तक जुर्माना एवं 06 माह से 02 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। 

उत्तर प्रदेश शासन एवं जिलाधिकारी श्री चन्द्र प्रकाश सिंह जी के निर्देश पर  01 दिसम्बर 2025 से 15 दिसम्बर 2025 तक बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम के अर्न्तगत जनपद को बाल श्रम से मुक्त करने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में औद्योगिक संगठनों / ऑटो गैरिज‚ बारात-घर‚ होटल , रेस्टोरेंट, दुकानदारों, बैण्ड‚ बाजा, रोड लाइट, कैटर्स आदि के स्वामियों के साथ बैठक कर उन्हे बाल श्रम न कराने के सम्बन्ध में लगातार जागरूक किया जा रहा है। 
आज जनपद में अभियान चलाते हुए 03 प्रतिष्ठानों से 04 किशोर श्रमिकों को पृथक करते हुए उनके नियोजन के विरुद्ध नोटिस जारी किया गया। नोटिस का समय से जवाब नहीं प्रस्तुत करने पर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई अपनाई जाएगी। उक्त अभियान की प्रतिदिन समीक्षा जिला टास्क फोर्स (बाल श्रम) के नोडल अधिकारी / अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमरेश कुमार द्वारा की जा रही है।
- Legend News

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