मुंबई। सोमवार, 9 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मच गया. मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आए भारी उछाल के कारण शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. इस गिरावट से निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए हैं.

बाजार का ताजा हाल
सुबह 9:22 बजे तक, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 2,333 अंक (2.96%) गिरकर 76,585 पर आ गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 686 अंक (2.81%) फिसलकर 23,764 के स्तर पर पहुंच गया. बाजार में मचे इस 'ब्लडबाथ' ने निवेशकों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है. मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी अछूते नहीं रहे और इनमें क्रमशः 3.28% और 3.37% की गिरावट आई.

कच्चे तेल और युद्ध का असर
गिरावट का मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों का 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचना है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' के जरिए होने वाली तेल की आपूर्ति को बाधित कर दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल की कीमतों में इस उछाल का बचाव करते हुए इसे ईरान के परमाणु खतरे से निपटने के लिए एक "अस्थायी लागत" बताया है.

सभी सेक्टर्स लाल निशान में
बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिल रही है. सबसे ज्यादा नुकसान पीएसयू बैंक सेक्टर को हुआ है, जो 5.32% टूट गया. इसके अलावा ऑटो, मेटल और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में भी 3% से ज्यादा की गिरावट आई. जानकारों का कहना है कि जब तक कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा.

वैश्विक बाजारों का प्रदर्शन
भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजारों में भी भारी बिकवाली देखी गई. जापान का निक्केई 6.98% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 7.36% गिर गया. अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में लाल निशान पर बंद हुए थे, जिसका असर आज एशियाई बाजारों पर साफ दिख रहा है.
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,600–24,700 का स्तर एक बड़ी बाधा बना हुआ है. जब तक भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता, निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
- Legend News

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