रिपोर्ट : LegendNews
पीठ में छुरा: TVK के साथ जाने पर DMK का कांग्रेस के खिलाफ गद्दार प्रोटेस्ट
तमिलनाडु में एक्टर विजय की पार्टी से कांग्रेस के हाथ मिलने पर डीएमके भड़क गई है। डीएमके के नेताओं ने कांग्रेस के बदले स्टैंड की तुलना 'गद्दारी' से की है। तमिलनाडु में टीवीके की सबसे बड़ी पार्टी बनने पर एक्टर विजय के पिता ने खुले तौर पर कांग्रेस से साथ आने की अपील कर दी थी। कांग्रेस को पांच सीटें मिली हैं। राहुल गांधी ने एक्टर विजय की जीत पर बधाई दी है। इस पर एक्टर विजय ने राहुल गांधी को रिप्लाई भी किया था। इस पूरे घटनाक्रम पर डीएमके ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। दरअसल तमिलनाडु में कांग्रेस डीएमके के अगुवाई वाली गठबंधन का हिस्सा है। ऐसे में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या केंद्र में डीएमके कांग्रेस को साथ छोड़ेगी। डीएमके के लोकसभा में 22 और राज्यसभा में 10 सदस्य हैं।
डीएमके ने खुलेआम बोला हमला
कांग्रेस के टीवीके को समर्थन देने और धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने की वकालत करने पर डीएमके ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। पार्टी के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कहा है कि कांग्रेस ने टीवीके को अपना समर्थन दिया इसलिए हमने इसे विश्वासघात कहा। रिटर्निंग अधिकारियों के जीत के प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने से पहले ही, कांग्रेस ने अपना रुख बदल लिया और टीवीके का समर्थन किया। उनका दावा है कि वे भाजपा और आरएसएस को दूर रखना चाहते हैं, यही वजह है कि उन्होंने यह निर्णय लिया। महत्वपूर्ण बात यह है कि टीवीके प्रमुख विजय ने कभी भी भाजपा या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ बात नहीं की।
डीएमके और कांग्रेस की दोस्ती का सफर
डीएमके और कांग्रेस (आर) के बीच पहली बार बड़ा चुनावी समझौता 1971 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान हुआ। इस दौरान इंदिरा गांधी ने तमिलनाडु की सभी विधानसभा सीटें डीएमके को छोड़ दी थीं।
डीएमके ने इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस के साथ 1980 में फिर से हाथ मिलाया। हालांकि, यह गठबंधन विधानसभा चुनाव में सफल नहीं रहा था।
केंद्र में यूपीए के गठन के बाद से दोनों दल अक्सर साथ रहे हैं। वे 2004, 2009 और हालिया 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में एक साथ लड़े।
पहला ट्वीट पीएम मोदी के लिए था: डीएमके
डीएमके प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई का कहना है कि चुनाव के बाद भी जब टीवीके को सकारात्मक परिणाम मिले, तो उन्होंने मतदाताओं या पार्टी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद नहीं दिया। उनका पहला ट्वीट प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देने के लिए था। लोग समझते हैं कि टीवीके की प्राथमिकताएं कहां हैं और कांग्रेस हमें बता रही है कि उन्हें बीजेपी आरएसएस को दूर रखना है। हमने यह किया है, हम पहले भी भाजपा-आरएसएस को यहां सत्ता से दूर रखने में कामयाब हुए हैं। कांग्रेस ने यह जो फैसला लिया है, इसपर वे पछताएंगे। इस निर्णय ने उन्हें एक बहुत अस्थिर सहयोगी बना दिया है।
कांग्रेस का क्या है स्टैंड?
डीएमके का कहना है कि कांग्रेस को जो पांच सीटें मिली हैं वे भी डीएमके की वजह से मिली हैं नहीं तो पार्टी का खाता भी नहीं खुलता। गौरतलब हो कि कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने के लिए अपनी राज्य ईकाई को निर्देशित किया है। टीवीके की तरफ से सरकार बनाने का दावा पेश किया जा चुका है। एक्टर विजय के सात मई को शपथ लेने की संभावना व्यक्त की जा रही है। तमिलनाडु चुनावों के नतीजे आने के बाद दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी एक्टर विजय के साथ तालमेल के इच्छुक थे। डीएमके का साथ छोड़ने पर बीजेपी ने भी कांग्रेस पर हमला बोला है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस किसी भी पार्टी के सगी नहीं है। वह धोखेबाज है।
-Legend News

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