रिपोर्ट : LegendNews
पराली जागरूकता कार्यक्रम में बोले केवीके प्रभारी शर्मा, खेती में बदलाव की जरूरत
मथुरा। वेटरनरी विश्वविद्यालय मथुरा के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र मथुरा द्वारा मंगलवार को छाता के गांव अलवाई में गांव स्तरीय पराली जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग सैकड़ों किसानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अभिजीत मित्रा एवं निदेशक प्रसार प्रोफेसर अतुल सक्सेना के दिशा निर्देशन में आयोजित हुआ। केंद्र के प्रभारी डॉ वाई. के. शर्मा द्वारा किसानों को पराली प्रबंधन की मशीनों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि पराली को खेत में मिलाने के लिए सुपर सीडर मशीन बहुत ही उपयोगी साबित हुई है । जिससे समय से रबी फसलों की बुवाई कर सकते हैं।
मृदा वैज्ञानिक डॉ रविंद्र कुमार राजपूत द्वारा किसानों को बताया की मशीन कृषि विभाग द्वारा अनुदान पर दी जाती है। जिसमें समूह बनाकर 80 प्रतिशत तक किसान अनुदान पर मशीन क्रय कर सकते हैं। जो मशीन पराली प्रबंधन के लिए उपयोगी साबित होती है। पोषक तत्व प्रबंधन के बारे में भी समसामयिक जानकारी दी।
उद्यान वैज्ञानिक डॉ बृजमोहन ने सब्जियों की तकनीकी खेती के बारे में जानकारी दी मानव पोषण में संतुलित आहार के महत्व के बारे में बताया। प्रक्षेत्र प्रबंधक डॉ एन आर राजपूत द्वारा किसानों को बताया कि किसान समसामयिक खेती के साथ-साथ अगर तकनीकी खेती जैसे बीज उत्पादन कार्यक्रम करें तो अधिक आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही साथ सब्जियों का समावेश करें।तो पौष्टिक एवं गुणवत्ता खाद्यान्न, फल व सब्जियां मिल जाएगी इस खेत की उर्वरा शक्ति अच्छी रहेगी। कार्यक्रम में गोविंद सिंह ठाकुर, किशोरी श्याम, गोमती, लक्ष्मी दिनेश सत्यप्रकाश आदि सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।
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