रिपोर्ट : LegendNews
भगोड़ा घोषित आर्म्स डीलर संजय भंडारी की कुछ संपत्ति होगी जब्त, राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दी अनुमति
नई दिल्ली। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भगोड़ा घोषित हथियार डीलर संजय भंडारी की कुछ संपत्तियों को जब्त करने की अनुमति दे दी है. स्पेशल जज संजय जिंदल ने इस मामले में अन्य संपत्तियों की जब्ती पर 18 जुलाई को सुनवाई तय की है. इससे पहले अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate, ED) की याचिका पर 18 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रख लिया था. जांच एजेंसी के अनुसार, भंडारी की भारत, दुबई और ब्रिटेन में करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियां हैं, जिनकी जांच जारी है.
पिछले साल कोर्ट ने करार दिया था 'भगोड़ा'
बता दें कि 5 जुलाई 2025 को कोर्ट ने संजय भंडारी को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में भगोड़ा घोषित कर दिया था. ईडी की ओर से कहा गया था कि संजय भंडारी की भारत, दुबई और ब्रिटेन में बेनामी संपत्तियां हैं. दिल्ली के वसंत विहार, पंचशील शॉपिंग कांप्लेक्स और शाहपुर जाट के अलावा नोएडा और गुरुग्राम में भी बेनामी संपत्तियां हैं. इसके अलावा कई बैंक खाते संजय भंडारी की पत्नी के नाम से है.
सौ करोड़ रुपये से ज्यादा संपत्ति
ईडी ने कहा था कि संजय भंडारी के पास सौ करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है. कोर्ट के इस फैसले का संजय भंडारी की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है जो अभी लंबित है. कोर्ट ने दिसंबर 2023 में ईडी की ओर से संजय भंडारी के खिलाफ दाखिल पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था. पूरक चार्जशीट में संयुक्त अरब अमीरात के बिजनेसमैन सीसी थम्पी और ब्रिटेन स्थित व्यवसायी सुमित चड्ढा का नाम शामिल किया है. उनमें से संजय भंडारी कथित तौर पर कांग्रेस प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा के करीबी सहयोगी हैं. ईडी के मुताबिक, उसने सुमित चड्ढा और उनकी पत्नी को समन जारी किया था लेकिन दोनों जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए.
ईडी का आरोप- यूपीए के शासनकाल में लिया था कमीशन
ईडी के चार्जशीट में कहा गया है कि यूपीए के शासनकाल में भंडारी ने कमीशन लिया और लंदन में संपत्ति खरीदी जिसके लाभार्थी मालिक रॉबर्ट वाड्रा हैं. रॉबर्ट वाड्रा ने ईडी के आरोपों को गलत बताया था. इस मामले में पहले ईडी ने हथियार डीलर संजय भंडारी के मनी लाउंड्रिंग मामले में दक्षिण दिल्ली में पंचशील पार्क में पंचशील शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में स्थित संपत्ति को कब्जे में लिया था जो कि एसबी हॉस्पिटेलिटी एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर रजिस्टर्ड कराया गया है. ईडी ने 2017 में भंडारी और दूसरे आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था.
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