उत्तर प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची से अमेठी की पूर्व सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम गायब होने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। पंचायत चुनाव के लिए प्रकाशित अंतिम सूची में उनका नाम नहीं होने से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में उनका नाम अभी भी दर्ज है। 
जानकारी के अनुसार, स्मृति ईरानी ने वर्ष 2021 में गौरीगंज तहसील क्षेत्र के मेदन मवई गांव में 11 बिसवा भूमि खरीदी थी। 29 जुलाई 2021 को उनके पुत्र जोहर ईरानी ने यहां भूमि पूजन कर आवास निर्माण की आधारशिला रखी थी। आवास निर्माण पूरा होने के बाद 22 फरवरी 2024 को उन्होंने गृह प्रवेश किया। इसके बाद उनका नाम गांव के लीला टिकरा बूथ की मतदाता सूची में दर्ज हुआ और उन्होंने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में इसी बूथ पर मतदान भी किया था। इससे पहले वह मुंबई उत्तर-पश्चिम संसदीय क्षेत्र की मतदाता थीं। 
स्मृति ईरानी ने एसआईआर में अपना नाम दर्ज कराया था
स्मृति ईरानी ने एसआईआर के द्वारा अपना नाम अमेठी की सूची में ही शामिल करवाया था। पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची में नाम न होने के संबंध में जिलाधिकारी संजय चौहान ने बताया कि पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए अलग से आवेदन पत्र भरना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस बात की जांच कराई जा रही है कि संबंधित आवेदन पत्र जमा किया गया था या नहीं। यदि आवेदन मिला होगा तो नियमानुसार उनका नाम सूची में शामिल कराया जाएगा।
जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी: डीएम
डीएम ने बताया कि प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और अभिलेखों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पूर्व सांसद का नाम पंचायत मतदाता सूची में न होने से जिले में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है। 
10 जून को जारी हुई पंचायत चुनाव की फाइनल वोटर लिस्ट
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में 10 जून को पंचायत चुनाव के लिए फाइनल वोटर लिस्ट जारी हुई है। 2026 की अंतिम पंचायत चुनाव मतदाता सूची के अनुसार उत्तर प्रदेश में कुल 12 करोड़ 58 लाख 51 हजार 570 मतदाता हैं। यह संख्या वर्ष 2021 में दर्ज 12 करोड़ 29 लाख 50 हजार 52 मतदाताओं की तुलना में 29 लाख 1 हजार 518 अधिक है। पंचायत चुनाव की तैयारियों के तहत किए गए विशेष पुनरीक्षण में बड़ी संख्या में नए मतदाता जोड़े गए, जबकि मृत, स्थानांतरित अथवा अपात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। आंकड़ों के अनुसार पुनरीक्षण के दौरान 2 करोड़ 32 लाख 24 हजार 805 नाम जोड़े गए, जबकि 2 करोड़ 3 लाख 23 हजार 287 नाम हटाए गए, जिसके बाद मतदाता संख्या में बढ़ोत्तरी दर्ज हुई। 
-Legend News

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