रिपोर्ट : LegendNews
वाशिंगटन डीसी में बैठकर जयशंकर ने कहा: सीजफायर को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप के दावे गलत
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फिर साफ किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर दोनों देशों के डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) के बीच बातचीत से हुआ था। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को गलत बताया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह समझौता उनके बीच-बचाव और व्यापार वार्ता के जरिए हुआ था। ट्रंप ने कई बार दावा किया है कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने के लिए व्यापार का इस्तेमाल किया। यह तनाव 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ था और 7 मई को भारत की 'ऑपरेशन सिंदूर' के साथ बढ़ गया था।
उस समय क्या हुआ था, इसका रिकॉर्ड बिल्कुल साफ है
एस जयशंकर ने वाशिंगटन डीसी में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उस समय क्या हुआ था, इसका रिकॉर्ड बिल्कुल साफ है। सीजफायर दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच बातचीत से हुआ था। उन्होंने कहा, 'जो हुआ वह बहुत स्पष्ट है, इसे यहीं छोड़ देते हैं।' उन्होंने आगे कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। इससे पहले न्यूज़वीक के साथ एक बातचीत में जयशंकर ने कहा था कि जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने 9 मई की रात को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की थी, तब वह उसी 'कमरे में' थे। जयशंकर के अनुसार वेंस ने पीएम मोदी को बताया था कि अगर भारत कुछ चीजें नहीं मानता है तो पाकिस्तान भारत पर बड़ा हमला कर देगा। जयशंकर ने बताया कि पीएम मोदी ने इस कॉल के दौरान संकेत दिया था कि भारत की ओर से इसका जवाब दिया जाएगा।
जयशंकर पहले भी कर चुके हैं भारत की स्थिति साफ
जयशंकर ने इंटरव्यू में कहा, हमारी स्थिति यह रही है, और यह सिर्फ दिल्ली में इस सरकार की स्थिति नहीं है, बल्कि यह एक राष्ट्रीय सहमति है कि पाकिस्तान के साथ हमारे संबंध द्विपक्षीय हैं। इस विशेष मामले में, मैं आपको बता सकता हूं कि जब मैं कमरे में था, उपराष्ट्रपति वेंस ने 9 मई की रात को प्रधानमंत्री मोदी से बात की और कहा कि अगर हम कुछ चीजें नहीं मानते हैं तो पाकिस्तानी भारत पर बहुत बड़ा हमला करेंगे। प्रधानमंत्री पाकिस्तानी धमकियों से बेपरवाह थे। उन्होंने संकेत दिया कि हमारी ओर से जवाब दिया जाएगा। यह उससे एक रात पहले की बात है। पाकिस्तानियों ने उस रात हम पर बड़े पैमाने पर हमला किया। हमने उसके बाद बहुत जल्दी जवाब दिया, और अगली सुबह, मिस्टर रुबियो ने मुझे फोन किया और कहा कि पाकिस्तानी बात करने के लिए तैयार हैं इसलिए मैं आपको केवल अपने व्यक्तिगत अनुभव से बता सकता हूं कि क्या हुआ।
ट्रंप ने बार-बार सीजफायर करवाने का किया था दावा
दरअसल, भारत के इंकार के बावजूद ट्रंप ने बार-बार दावा किया है कि उन्होंने भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच शांति स्थापित कराई। 10 मई को, विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने घोषणा की थी कि पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारतीय समकक्ष को फोन किया था, और दोनों पक्षों ने जमीन, हवा और समुद्र में सभी तरह की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई थी। ऑपरेशन सिंदूर 7 मई को भारतीय सशस्त्र बलों ने शुरू किया था। इसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमला के जवाब में की गई थी, जिसमें 25 नागरिक और एक विदेशी पर्यटक की हत्या हुई थी। हमला करने वाले आतंकवादियों के तार पाकिस्तान से जुड़े हुए थे।
-Legend News

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