वृन्दावन। वर्ष में मात्र एक दिन होने वाली भगवान श्रीबाँकेबिहारीजी महाराज की मंगलआरती इस बार 4 - 5 सितंबर की मध्यरात्रि में होगी। समूचे साल में सिर्फ़ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के उपलक्ष में आयोजित होने वाले नन्दोत्सव की भोर में उतारी जाने वाली इस विशेष मंगलआरती के दर्शन हेतु असंख्य भक्तजन बेहद लालायित हैं, जिसके चलते हर बार की तरह ब्रजवृन्दावन में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।

ठाकुरजी के सेवायत इतिहासकार आचार्य प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी के अनुसार बिहारीजी मंदिर में त्रिदिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव 3 - 4 - 5 सितंबर को मनाया जाएगा। उत्सव के अंतर्गत भाद्रप्रद कृष्णा सप्तमी ( 3 सितंबर ) को अनंत श्रीविष्णुस्वामी जयंती एवं पूज्यगोस्वामी श्रीरुपानंद महाराज का जन्मोत्सव, अष्टमी ( 4 सितंबर ) को श्रीकृष्ण जन्म समारोह एवं नवमी ( 5 सितंबर ) को दधिकांधों अर्थात नंद महोत्सव के मनोहारी कार्यक्रम भव्य रूप में आयोजित किए जाएंगे।

इतिहासकार के मुताबिक इस दिव्य महोत्सव के पहले दिन 3 सितंबर को अनंत श्रविभूषित विष्णुस्वामी महाराज की जयंती तथा अमरशहीद पूज्यगोस्वामी श्रीरुपानंद महाराज के 320 वें जन्मोत्सव पर पूज्य आचार्य द्वय के चित्रपटों का पूजन अर्चन कर भोग-राग व पुष्पांजलि समर्पित की जाएगी और विशेष जन्मोत्सव आरती उतारी जाएगी। उक्त कार्यक्रम श्रीबाँकेबिहारी मंदिर एवं श्रीहरिदासपीठ मंदिर में आयोजित होंगे।

इतिहासकार ने बताया कि समारोह के दूसरे दिन 4 सितंबर को जन्माष्टमी की रात्रि में ठीक 12 बजे भगवान श्रीबाँकेबिहारीजी महाराज का दूध, दही, घी, शहद, शक्‌कर, यमुनाजल, गुलाबजल, केबड़ा, नवरत्न, जड़ी बूटी एवं औषधियों से दिव्याभिषेक सम्पन्न होगा और भगवान को पाग पंजीरी, फल, मेवा व दूध निर्मित मिष्ठान आदि का भोग अर्पित किया जाएगा। उक्त महाभिषेक कार्यक्रम पर्दे की ओट में मंदिर के गर्भगृह में ही सम्पन्न होगा और भक्तों को उसके दर्शन सुलभ नहीं होंगे।

इतिहासकार आचार्य प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी बताते हैं कि पुरातन परम्परानुसार आयोजित इस त्रिदिवसीय महोत्सव का सर्वप्रमुख आकर्षण केंद्र अष्टमी - नवमी की दरम्यानी रात में तकरीबन दो बजे होने वाली विशेष मंगला आरती के अद्भुत दर्शन होंगे, जिसमें सम्मिलित होने हेतु असंख्य तीर्थयात्री ब्रजवृन्दावन पहुंचेंगे। इस मंगलआरती के आयोजन हेतु अतिसुन्दर वेशकीमती पीत पोषाकाभूषणों में सजे संवरे ठाकुरजी गर्भगृह से बाहर पधारकर मंदिर जगमोहन में भव्य सिंहासन पर विराजमान होंगे। आरती के बाद ये मंगलदर्शन सुबह लगभग 5 - 6 बजे तक अनवरत खुले रहेंगे। 

इतिहासकार ने बताया कि महोत्सव के तीसरे दिन 5 सितंबर की सुबह श्रंगार आरती से लेकर दोपहर में राजभोग आरती होने तक नन्दोत्सव अर्थात दधिकाँधौ का आयोजन किया जाएगा। इसमें भक्तजन रूपया, कपड़ा, बर्तन, खिलौना, फल, मेवा, मिठाई इत्यादि मंदिर में लुटाते हैं। जिन्हें अत्यंत हर्ष के साथ लूटते हुए परिसर में मौजूद ब्रजवासी. जन नन्द घर आनंद भये जै कन्हैया लाल की, हाथी दीने, घोड़ा दीने और दीनी पालकी का गगनभेदी उदघोष करते रहते हैं। इस मौके पर मंदिर में द्वापरयुगीन नजारा दिखाई देता है। पर्व पर राजभोग वेला में भगवान को छप्पनभोग व छत्तीस व्यंजन सहित अनेक दिव्य पदार्थ परोसे जाएंगे। राजभोग आरती पश्चात आम भक्तों को बधाई प्रसाद संग उपहार वितरित किए जाएंगे। 

दूसरी बार रुपानन्दोत्सव में पहुँचेंगे सूबे के मुखिया

सूबे के मुखिया माननीय योगी आदित्यनाथ दूसरी बार श्रीरुपानन्द जन्मोत्सव के अवसर पर बिहारीजी मंदिर पहुंचेंगे। प्रस्तावित कार्यक्रमानुसार सीएम 3 सितंबर की शाम को श्रीबाँकेबिहारी मंदिर में दर्शन व पूजा अर्चना करेंगे। सेवायत आचार्य प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी बताते हैं कि दो साल पूर्व 2024 में योगी जी की मथुरा यात्रा के दौरान श्रीहरिदासबिहारी फाउंडेशन भारत ट्रस्ट की ओर से पत्र भेज कर उनसे अमरशहीद के जन्मोत्सव में शामिल होने का आग्रह किया गया था। उस वक़्त कोई पूर्व निर्धारित कार्यक्रम ना होने के बाबजूद मुख्यमंत्री अचानक बाँकेबिहारी मंदिर पहुंच गए थे।

सेवायत ने कहा कि संयोग से इस बार भी उनकी दर्शन के लिए तय तारीख पर बिहारीजी को वृन्दावन वापस लाने वाले अमरशहीद पूज्यगोस्वामी श्रीरुपानन्दजी महाराज की जन्मोत्सव तिथि पड़ रही है। इसीलिए ट्रस्ट परिवार ने सीएम को एक्स पर पत्र प्रेषित करके मंदिर आगमन के समय पूज्याचार्य को भावाँजलि प्रदान करने का आग्रह किया है।
- Legend News
 

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