मथुरा। चौमुंहा स्थित राधा मोहन जी गोशाला में व्यास संत राधे-राधे बाबूजी के सान्निध्य में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान बुधवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि बनाम शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण के हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट पहुंचे। उन्होंने कथा श्रवण के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए जन्मभूमि से जुड़े ऐतिहासिक और न्यायिक पक्षों की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1670 में मुगल शासक औरंगजेब द्वारा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को ध्वस्त कर वहां मस्जिद का निर्माण कराया गया था। उन्होंने दावा किया कि इससे पूर्व भी मंदिर को कई बार तोड़ा गया और उस कालखंड में मथुरा में लूटपाट तथा जजिया कर जैसे अत्याचार हुए।

महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जन्मभूमि स्थल पर भव्य मंदिर निर्माण की मांग को लेकर दायर उनके वाद को न्यायालय ने सबसे पहले स्वीकार किया था। वर्तमान में यह मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि न्यायालयीन प्रक्रिया के साथ-साथ समाज में जनजागरण भी चल रहा है। उन्होंने बताया कि “चलो गांव अभियान” के तहत श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इसी क्रम में महोली और तरसी गांवों में लोगों को मुकदमे की स्थिति से अवगत कराया गया और आंदोलन के प्रति समर्थन मांगा गया।

महेंद्र प्रताप सिंह ने उपस्थित श्रद्धालुओं से एकता बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि न्यायालय के निर्णय के बाद स्थल पर मंदिर निर्माण का मार्ग साफ होगा।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इस मौके पर बाबा जयकिशन दास जी महाराज, शास्त्री रामनिवास, विश्व हिंदू महासंघ ब्रज प्रांत अध्यक्ष सतीश सिंह एडवोकेट, श्रीपाल सिसोदिया एडवोकोट, राजेश पहलवान, गिरिराज पंडित, मास्टर प्रेमचंद्र शर्मा और आयोजक रोहताश शर्मा मौजूद रहे।

- Legend News

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