रिपोर्ट : LegendNews
AAP के कई नेता हिरासत में, RJD सांसद मनोज झा की भी हिरासत का दावा
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए बढ़े रहे आम आदमी पार्टी के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के जिन नेताओं को हिरासत में लिया है उनमें आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी, नेता संजीव झा शामिल हैं.
हिरासत में लिए जाने के दौरान सौरभ भारद्वाज ने कहा, ''मोदी जी, सवालों से इतना मत डरिए. बाहर आइए और देश को जवाब दीजिए.''
इससे पहले उन्होंने कहा, ''जेन ज़ेड, महिलाएं और युवा जंतर-मंतर पहुंचकर चुनाव आयोग के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ बुलंद करेंगे.''
उन्होंने कहा, ''विरोध करना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है लेकिन पुलिस हमें बता रही है कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है. जबकि छह दिन पहले ही आम आदमी पार्टी ने यहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए आधिकारिक अनुमति मांगी थी.''
दिल्ली पुलिस ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ दो अक्तूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इंकार कर दिया है.
इस प्रदर्शन का आयोजन सामाजिक कार्यकर्ताओं,छात्र नेताओं ने किया है.
उधर राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने दावा किया है मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने जा रहे आरजेडी सांसद मनोज झा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, '' बौखलाई सरकार ने जंतर-मंतर सत्याग्रह में शामिल होने जा रहे राज्यसभा सांसद मनोज झा को हिरासत में लिया.''
प्रदर्शन का आह्वान करने वाले लोगों से एक वकील प्रशांत भूषण ने भी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा. दिल्ली पुलिस ने मोदी/शाह के आदेश पर जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए मध्य दिल्ली को बंद कर दिया है.
उन्होंने लिखा, ''11 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है, निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और इंटरनेट बंद कर दिया गया है! पुलिस ने जंतर-मंतर की घेराबंदी कर दी है और वहां लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है. सांसद मनोज झा को भी हिरासत में लिया गया है.''
प्रशांत भूषण ने लिखा, यह सब गांधी जयंती के दिन हो रहा है! मोदी/शाह यह नहीं समझते कि इससे लोगों में और गुस्सा पैदा होगा और ज्यादा लोग सड़कों पर उतरेंगे. वे कितने लोगों को प्रदर्शन करने से रोक सकते हैं और कितने लोगों को हिरासत में ले सकते हैं? आखिरकार वे स्थिति संभालने में असमर्थ हो जाएंगे!
दिल्ली पुलिस ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ दो अक्तूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इंकार कर दिया है.
-Legend News

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