रिपोर्ट : LegendNews
सरदार अमान खान ने पाकिस्तान से साफ-साफ कहा, मुनीर की सेना को पीओके खाली करना ही होगा
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में दो महीने से ज्यादा समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहे हैं। पीओके की विधानसभा में सीटों के आरक्षण और महंगाई जैसे मुद्दों के साथ अब प्रदर्शनकारियों ने एक नई मांग जोड़ दी है। ये मांग पीओके से पाकिस्तानी आर्मी को पूरी तरह हटाए जाने की है। पीओके के लोगों की यह मांग असीम मुनीर के नेतृत्व वाली आर्मी और शहबाज शरीफ सरकार के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती बन सकती है।
पीओके में विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के प्रमुख नेताओं में से एक सरदार अमान खान ने साफ-साफ कहा है कि पाकिस्तान की सेना को उनके इलाके से जाना होगा। गुरुवार को रावलकोट में एक सभा को संबोधित करते हुए अमान खान कहा कि पाकिस्तान के बेशर्म जनरलों को यह बताना होगा कि वह कब तक यहां से जाएंगे।
संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का हवाला
पीओके के रावलकोट में प्रदर्शनकारियों के बीच बोलते हुए अमान खान ने पाकिस्तानी सेना को हटाने की मांग के पीछे संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र आयोग (UNCIP) की ओर से 13 अगस्त 1948 को जारी ऐतिहासिक प्रस्ताव में साफतौर पर कहा गया था कि पाक सेना और पाकिस्तानी नागरिकों को पीओके छोड़ना होगा।
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के नेता ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार और पाकिस्तान आर्मी के बेशर्म जनरलों को हमें यह बताना है कि UNCIP के प्रस्ताव पर अमल करते हुए पाकिस्तानी सेना को हटाने की उनकी समय-सीमा क्या है। उनको हमें बताना होगा इस प्रस्ताव के करीब-करीब 80 साल बाद भी पाकिस्तानी सेना ने हमारे इलाकों को खाली क्यों नहीं किया है।
पीओके में विरोध प्रदर्शन
पीओके के कई जिलों में बीते दो महीने से ज्यादा समय से (68 दिन) बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। पीओके में इन विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत मंहगाई, संसाधनों की लूट और विधानसभा की सीटों में आरक्षण के मुद्दे पर हुई थी। हालांकि अब ये प्रदर्शन धीरे-धीरे पीओके की पाकिस्तान से पूरी तरह आजादी की मांग में तब्दील होता जा रहा है।
पीओके में ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई कर रही है। इस गुट को पाकिस्तान ने बैन कर दिया है। दूसरी ओर पाकिस्तानी सेना और सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनों को बलपूर्वक कुचलने की कोशिश की है। नागरिकों पर फायरिंग और अंधाधुंध गिरफ्तारियों ने पीओके में गुस्से को काफी ज्यादा बढ़ाया है। प्रदर्शनकारी अब किसी कीमत पर झुकने को तैयार नहीं है।
-Legend news

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