मथुरा। संस्कृत भारती ब्रजप्रांत मथुरा द्वारा श्री कृष्णगंगा घाट स्थित कालिन्द्रेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण  में श्री रामचरितमानस के रचयिता प्रभु श्री राम के अनन्य भक्त गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
इस अवसर पर सामूहिक रूप से रामचरितमानस की चौपाइयों व संस्कृत श्लोकों का सस्वर पाठ किया गया।
संस्कृत भारती ब्रजप्रांत मंत्री धर्मेन्द्र कुमार अग्रवाल, अध्यक्ष आचार्य ब्रजेन्द्र नागर, ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी द्वारा गोस्वामी तुलसीदास जी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। आचार्य मुरलीधर चतुर्वेदी ने स्वस्तिवाचन व वैदिक मंगलाचरण किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्कृत भारती ब्रजप्रांत मंत्री धर्मेन्द्र कुमार अग्रवाल ने कहा संस्कृत भारती का उद्देश्य भारतीय संस्कृति सभ्यता और संस्कारों को घर घर तक पहुंचाना है इसी क्रम में महापुरुषों की जयंती व पुण्य तिथि के कार्यक्रम एक माध्यम है। 
मुख्य वक्ता ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने गोस्वामी तुलसीदास जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास 16 वीं शताब्दी के महान संत व कवि थे उन्होंने रामचरितमानस में रामकथा को अवधी भाषा में लिखा जिससे यह धर्मग्रंथ आम लोगों में लोकप्रिय हुआ।
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्कृत भारती मथुरा जनपद अध्यक्ष आचार्य ब्रजेन्द्र नागर ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास को भक्तिकाल के सर्वश्रेष्ठ कवि माना जाता है। उनकी रचनाएं आज भी लोगों के लिए प्रेरणा दायक है।
इस अवसर पर रामदास चतुर्वेदी शास्त्री एवं योगेश उपाध्याय आवा ने संचालन करते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस, विनयपत्रिका, हनुमानचालीसा,गीतावली, दोहावली, कवितावली आदि धर्मग्रंथ समाज को संस्कार प्रदान करते हैं। 
कार्यक्रम में श्यामसुन्दर शर्मा, गंगाधर अरोड़ा, हरस्वरुप यादव, संदीप चौधरी, अखिलेश गौतम आदि ने गोस्वामी तुलसीदास जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके द्वारा रचित रामचरितमानस को आज भी घर घर में श्रद्धा भक्ति के साथ पूजा जाता है।
कार्यक्रम के अन्त में संस्कृत भारती द्वारा चलाए जा रहे घर घर तुलसी घर घर गीता अभियान के अन्तर्गत तुलसी पौधे व श्रीमद्भगवद्गीता का वितरण किया गया।
- Legend News

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