भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संवेदनशील सरकार ही संकट के समय जनता की रक्षा करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में राजनीतिक कारणों से कई महान नायकों को भुला दिया गया, लेकिन अब उन्हें सम्मान दिलाने का कार्य किया जा रहा है। 
योगी ने महाराजा सुहेलदेव के शौर्य का उल्लेख करते हुए कहा कि एक हजार वर्ष पूर्व उन्होंने विदेशी आक्रांता सालार मसूद को परास्त कर देश और समाज की रक्षा की थी। पहले जिस स्थान पर सालार मसूद के नाम पर मेले लगते थे, वहीं अब महाराजा सुहेलदेव के स्मारक पर लोग श्रद्धा व्यक्त करने पहुंच रहे हैं। 
महाराजा सुहेलदेव ने मसूद को जहन्‍नुम में भेजा 
सीएम योगी ने कहा- 'सालार मसूद एक माफिया से कम नहीं था। जो माफिया अभी मिट्टी में मिले हैं, उन्‍हीं का एक रूप सालार मसूद भी था। इसने न केवल सोमनाथ मंदिर को तोड़ा था, बल्कि अयोध्‍या में रामजन्‍मभूमि को भी इसी ने पहली बार क्षतिग्रस्‍त किया था। महाराज सुहेलदेव ने न सिर्फ उसे मारा था बल्कि ऐसी मौत दी थी जिसे इस्‍लाम में सबसे खराब माना जाता है। उन्‍होंने सालार मसूद को लोहे के तवे में बांधकर आग में जलाया था। माना जाता है कि इस्‍लाम में इस प्रकार की मौत जहन्‍नुम में जाने की गारंटी होती है। जब तक अत्‍याचारी के साथ इस प्रकार का व्‍यवहार नहीं करेंगे, तब तक वह देश की संस्‍कृति के साथ खिलवाड़ करता रहेगा।'
भारतेंदु नाट्य अकादमी के जीर्णोद्धार कार्य का लोकार्पण किया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोमती नगर स्थित भारतेंदु नाट्य अकादमी के संपूर्ण भवन एवं दो प्रेक्षागृहों के जीर्णोद्धार कार्य का लोकार्पण किया। लगभग 22 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना के तहत आयोजित स्वर्ण जयंती नाट्य समारोह में उन्होंने ‘रंगभेद’ पत्रिका का विमोचन, प्रदर्शनी का अवलोकन और कार्यक्रम का शुभारंभ किया। 
1921 की जनगणना का किया उल्‍लेख
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने 1921 की जनगणना का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में अकाल और स्पेनिश फ्लू जैसी महामारी के कारण देश की आबादी बढ़ने के बजाय घट रही थी और तीन करोड़ से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई थी, लेकिन उस समय की सरकार संवेदनहीन बनी रही। उन्होंने कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया लॉकडाउन की स्थिति में थी और प्रवासी श्रमिक अपने घरों को लौट रहे थे, तब राज्य सरकार ने उनके भोजन और सुरक्षित घर वापसी की व्यवस्था की। 
गलत चरित्रों को नायक बनाया गया 
मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक संस्थानों की भूमिका पर टिप्पणी की। उन्‍होंने कहा कि एक समय ऐसा भी रहा जब समाज में गलत चरित्रों को नायक के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसका दुष्परिणाम सामाजिक मूल्यों पर पड़ा। आज स्थिति बदल रही है और रामायण जैसे धारावाहिकों की लोकप्रियता यह दर्शाती है कि समाज अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौट रहा है। 
कलाकारों और नाट्य संस्‍थानों से किया आह्वान
सीएम योगी ने महाराजा बिजली पासी सहित अन्य स्थानीय नायकों का जिक्र करते हुए कहा कि वोट बैंक की राजनीति के कारण उन्हें उचित स्थान नहीं मिला। अब ऐसे महापुरुषों पर आधारित कार्यक्रम और स्मारक विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कलाकारों और नाट्य संस्थानों से आह्वान किया कि वे वीरांगना अवंतीबाई, उदा देवी, झलकारी बाई और महाराजा सुहेलदेव जैसे नायकों पर आधारित नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तैयार करें, ताकि नई पीढ़ी उन्हें अपना आदर्श बना सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को यह तय करना होगा कि नायक कौन हैं और खलनायक कौन। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज को खलनायकों का महिमामंडन नहीं करना चाहिए। 
-Legend News

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