स्टेनलेस स्टील बनाने की प्रक्रिया में एक बेहद महंगी धातु निकेल का उपयोग होता है। इंडोनिशया ऐसा देश है, जहां निकेल का बड़ा भारी भंडार (World's richest reserves of Nickel) है। अब इंडोनेशिया ने भारत को निकेल के खदानों का ऑफर किया है। तभी तो सरकारी कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड ( SAIL) ने इडोनेशिया की कंपनी PT Krakatau Steel (Persero) Tbk. के साथ एक स्टील प्लांट लगाने की संभावना तलाश रही है।
हो गया समझौता
आपको पता ही होगा कि अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों इंडोनेशिया की यात्रा पर हैं। पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा (6–8 July, 2026) के दौरान ही सेल और इंडोनेशियाई कंपनी के बीच एक समझौते पर (MoU) पर हस्ताक्षर करने की घोषणा हुई है। इसके बाद इंडोनेशिया में स्टेनलेस स्टील स्लैब का प्लांट लगाने की संभावना तलाशी जाएगी।
मिला है ऑफर
सेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अशोक कुमार पंडा का कहना है कि प्रस्तावित सहयोग देनों देशों के लिए लाभदायक होगा। स्टेनलेस स्टील बनाने के लिए निकेल जरूरी और महंगी धातु है। इंडोनेशिया में इसका बड़ा भारी भंडार है। उसने इसके खदानों का एक्सेस देने पर हामी भरी है। सेल के पास स्टील बनाने का पांच दशक से भी ज्यादा का अनुभव है। अब इसी अनुभव का लाभ दोनों देशों को मिलेगा। बताया गया है कि प्रस्तावित संयुक्त उद्यम के संबंध में अन्य विवरण, जिसमें परियोजना की क्षमता, निवेश संरचना, इम्प्लीमेंटेशन शेड्यूल और टेक्नोलॉजी कॉन्फ़िगरेशन शामिल हैं, फीजिबिलिटी स्टडीज के पूरा होने और दोनों संगठनों तथा संबंधित सरकारों से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद तय किए जाएंगे। 
क्या होगा फायदा
इस प्रस्तावित संयुक्त उपक्रम (JV) से भारत में स्टेनलेस स्टील की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही आसियान ASEAN क्षेत्र में सेल की उपस्थिति बढ़ेगी। साथ ही इंडोनेशिया के मिनरल रिसोर्स का ऑप्टिमम यूज होगा। यह सहयोग स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की एक विविध उत्पाद पोर्टफोलियो और मजबूत अंतर्राष्ट्रीय उपस्थिति के साथ विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी इस्पात कंपनी बनने की यात्रा में एक और मील का पत्थर साबित होगा। 
क्या कहना है कंपनी का
अशोक कुमार पंडा ने इस पर कहा, "यह साझेदारी पारंपरिक सीमाओं से परे देखने और भविष्य के लिए क्षमताएं निर्माण करने के प्रति सेल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। चूंकि बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर), गतिशीलता (मोबिलिटी), नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में स्टेनलेस स्टील की मांग लगातार बढ़ रही है, इसलिए लगातार कच्चे माल तक पहुंच और रणनीतिक साझेदारियां तेजी से महत्वपूर्ण होती जा रही हैं। हमारा मानना है कि पीटी क्राकाटाऊ स्टील के साथ यह सहयोग भारत और इंडोनेशिया के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के साथ-साथ दोनों कंपनियों के लिए दीर्घकालिक मूल्य (लॉन्ग-टर्म वैल्यू) बनाने की क्षमता रखता है।" 
-Legend News

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