अमेरिका ने ईरान को घेरने की नई रणनीति बनाई है। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी देश या कंपनी ईरान का साथ देगी, उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को ईरान के पक्ष में बयान दिया था। उन्होंने खुलकर ईरान का साथ देने की बात कही थी। इसके ठीक एक दिन बाद बुधवार को अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम फॉक्स एंड फ्रेंड्स में बड़ा बयान दिया। 
सभी को ईरान से दूर रहना होगा 
बेसेंट ने कहा- हर किसी को ईरान से दूर रहना चाहिए। हम सभी चाहते हैं कि यह संघर्ष जल्दी खत्म हो। सबसे तेज तरीका यही है कि कोई भी ईरान को किसी तरह की मदद न दे।
उन्होंने आगे कहा, हम उन सभी से बात कर रहे हैं जो ईरान का समर्थन कर रहे हैं। उनका संदेश सीधा था। कोई भी देश या कंपनी अगर ईरान की मदद करेगी तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा।
एयरलाइंस, समुद्री क्षेत्र और डिजिटल एसेट्स निशाने पर
बेसेंट ने बताया कि ट्रंप प्रशासन ईरान की अर्थव्यवस्था को और कसने की तैयारी में है। अब एयरलाइंस कंपनी, समुद्री उद्योग और डिजिटल एसेट्स जैसे क्षेत्रों को भी निशाना बनाया जा सकता है। 
उन्होंने पहले भी कहा था कि एयरलाइन लीजिंग कंपनियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। इस हफ्ते ईरान के बैंकों पर और प्रतिबंध आने की संभावना है।
यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ईरान की अर्थव्यवस्था पहले से ही दबाव में है। इस बीच, अमेरिका चाहता है कि कोई भी रास्ता खुला न रहे जिससे ईरान को पैसा या सामान मिल सके। 
डिजिटल एसेट्स पर निशाना क्यों?
डिजिटल एसेट्स का जिक्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कई देश अब क्रिप्टोकरेंसी के जरिए प्रतिबंधों से बचने की कोशिश करते हैं। बता दें कि बेसेंट ने यह बात नॉर्थ कैरोलिना में जी20 की बैठक के बाद कही। 
उन्होंने कहा कि हम ईरान को आर्थिक रूप से घेरने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। एयरलाइंस और समुद्री क्षेत्र को निशाना बनाने का मतलब है कि ईरान के सामानों की आवाजाही और यात्री परिवहन दोनों पर असर पड़ेगा। 
-Legend News

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