चीन के तियानजिन में शंघाई कोऑपरेशन आर्गेनाइजेशन (एससीओ) की बैठक में पीएम मोदी, राष्ट्रपति पुतिन और शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाक़ात को लेकर ट्रंप ने 'अफ़सोस' ज़ाहिर किया था लेकिन रूस के विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव ने इसे 'साझा हितों और आपसी साझेदारी के प्रति एक साफ़ नज़रिया' बताया है.
लावरोव ने रूस के सरकारी टेलीविज़न चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, यह इस बात को ज़ाहिर करता है कि तीन महान शक्तियां, जो तीन महान सभ्यताओं का प्रतिनिधित्व करती हैं, कई क्षेत्रों में अपने साझा हितों को समझती हैं. 
अटकलों को दरकिनार करते हुए लावरोव ने स्पष्ट किया, इसका मतलब यह नहीं है कि सब कुछ 100 फ़ीसदी समान है लेकिन चीन, रूस और भारत के बीच साझेदारी बढ़ाने की प्रवृत्ति है, जिससे उन क्षेत्रों में आपसी फ़ायदा उठाया जा सके, जहां हमारे हित समान हैं.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन हाथ पकड़े हुए चीन के राष्ट्रपति शी की ओर बढ़ते हैं और फिर तीनों घेरा बनाकर गर्मजोशी से मिलते हैं. यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी और सुर्खियों में रही.
लावरोव इन तीनों देशों के नेताओं के बीच दिखी इसी गर्मजोशी का हवाला दे रहे थे.
इस तिकड़ी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर लिखा- ऐसा लगता है कि हमने भारत और रूस को गहरे, अंधेरे चीन के हाथों खो दिया. उम्मीद करता हूं कि उनकी साझेदारी लंबी और समृद्ध हो.
हालांकि इसके कुछ घंटों बाद ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'अच्छा दोस्त' बताया.
प्रधानमंत्री मोदी ने भी ट्रंप की भावनाओं की तहे दिल से सराहना की और पूर्ण समर्थन की बात कही है. 
-Legend News

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