रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ग्रीनलैंड को डेनमार्क का प्राकृतिक हिस्सा मानने से इंकार किया है। इसके साथ ही एक प्रेस वार्ता में लावरोव ने दावा किया कि रूस किसी के अधिकार को चुनौती नहीं देता लेकिन खुद को भी नजरअंदाज करने की अनुमति नहीं दे सकता। रूसी डिप्लोमेसी के 2025 के परिणामों पर आयोजित कॉन्फ्रेंस में लावरोव ने पश्चिम के भीतर "संकट की प्रवृत्तियों" के बारे में बात की, जिसमें ग्रीनलैंड इसका नवीनतम उदाहरण है, क्योंकि यह नाटो के भीतर भी बहुत ज्यादा तनाव पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा, “पिछले एक दशक से पश्चिमी देश अंतर्राष्ट्रीय कानून के मूल स्वरूप का सक्रिय रूप से विरोध कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि रूस ग्रीनलैंड के आसपास की "गंभीर भू-राजनीतिक स्थिति" पर नजर रख रहा है।
लावरोव ने आगे कहा कि रूस, ग्रीनलैंड के मामलों में दखल देने में दिलचस्पी नहीं रखता है और वाशिंगटन जानता है कि रूस की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोई योजना नहीं है।
उन्होंने कहा कि उनके विचार से ग्रीनलैंड डेनमार्क का प्राकृतिक हिस्सा नहीं है। लावरोव के अनुसार, "यह न तो नॉर्वे का प्राकृतिक हिस्सा था और न ही डेनमार्क का। यह एक औपनिवेशिक जीत का हिस्सा है। यह दूसरी बात है कि अब वहां के लोग इसके आदी हो गए हैं और सहज महसूस करते हैं।"
इसके साथ ही उन्होंने रूस की ताकत पर बात की और चुनौती भरे अंदाज में कहा कि रूस किसी को भी अपने कानूनी अधिकारों की अनदेखी नहीं करने देगा। उन्होंने कहा, "रूस हमेशा अपने हितों की रक्षा करेगा, किसी के भी कानूनी अधिकारों को चुनौती नहीं देगा, लेकिन वह अपने कानूनी अधिकारों को भी हल्के में नहीं लेने देगा।"
यूरोपीय देशों ने कहा है कि ट्रंप की 'ग्रीनलैंड टैरिफ' घोषणा पिछले साल उनके प्रशासन के साथ हुए ट्रेड डील का उल्लंघन होगी। ईयू नेता गुरुवार को ब्रसेल्स में एक आपातकालीन सम्मेलन में संभावित जवाबी कार्रवाई पर चर्चा करेंगे।
-Legend News

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