रॉयल थाई एयरफोर्स ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर आधुनिक युद्ध का एक मास्टरक्लास उदाहरण है। थाईलैंड की वायुसेना ने इस ऑपरेशन का बेहद गहनता के साथ विश्लेषण किया और भारत की सैन्य क्षमताओं की जमकर सराहना की है। थाई एयरफोर्स के सीनियर अधिकारियों ने कहा है कि भारतीय वायुसेना ने जिस प्रकार से गहराई में स्थित लक्ष्य को सटीकता से ध्वस्त किया और साथ ही अपनी मल्टी-लेयर्ड एयर डिफेंस प्रणाली का प्रदर्शन किया, वह आधुनिक सैन्य अभियानों के लिए एक मास्टरक्लास उदाहरण बन चुका है। आपको बता दें कि मई महीने में भारत ने पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। जिसके बाद पाकिस्तान के साथ संघर्ष भड़क उठा था और भारत ने 9 और 10 मई को पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में उसके 11 एयरबेस पर सटीक हमले किए थे।
रॉयल थाई एयरफोर्स के कॉन्फ्रेंस में आरटीएएफ के खुफिया विभाग के उप वायुसेनाध्यक्ष सोमई लीलिथम ने विस्तृत विश्लेषण पेश किया, जिसमें पाकिस्तान वायु सेना के कई ठिकानों के खिलाफ गहरे हमले के दौरान भारतीय हमलों को बिना किसी गलती एक एकदम सटीक निशाना बताया गया और इसके लिए भारतीय वायुसेना की तारीफ की गई। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान की वायु रक्षा में महत्वपूर्ण कमजोरियों को उजागर किया है और भारत ने इस दौरान एक प्रमुख स्ट्रैटजिक डेवलपमेंट को दिखाया है, जिसने इस क्षेत्र में हवाई युद्ध के लिए एक नया मानक स्थापित किया। 
थाईलैंड एयरफोर्स बना ऑपरेशन सिंदूर का फैन
थाईलैंड के सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह ऑपरेशन सिर्फ एक जवाबी कार्रवाई नहीं था, बल्कि उसने भारत की पूर्ण रणनीतिक तैयारी, टेक्नोलॉजी को लेकर आत्मनिर्भरता और रणनीतिक संयम का ऐसा उदाहरण पेश किया है जिसे हर आधुनिक वायुसेना को अध्ययन करना चाहिए। आपको बता दें कि भारत ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटकों की आतंकवादियों ने धर्म पूछकर हत्या कर दी थी। जिसके जवाब में, भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था और आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। भारत ने 9-10 मई को पाकिस्तान के नूर खान (चकला, रावलपिंडी), रफीकी (शोरकोट), सक्कूर और भोलारी एयरबेस पर सटीक हमले किए थे। 
थाई वायुसेना की रिपोर्ट में बताया गया है कि इंडियन एयरफोर्स ने इन हमलों को अंजाम देने के लिए रडार-इवेसिव रूट्स, सटीक निर्देशित हथियारों और स्वदेशी एंटी-रेडिएशन मिसाइलों का उपयोग किया। जो दिखाता है कि भारत अब सीमित स्ट्राइक की नीति से आगे बढ़कर डीप स्ट्राइक डेटरेंस की तरफ बढ़ चुका है। भारतीय हमलों ने पाकिस्तानी एयरबेस के रनवे, कमांड सेंटर और हाई-वैल्यू वाली संपत्तियों को नष्ट कर दिया। भारत ने पाकिस्तान के स्वीडिश निर्मित साब 2000 एरीआई एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) विमान को 314 किलोमीटर दूर से उड़ा दिया, जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बन गया है। आजतक किसी भी देश की वायुसेना ने इतनी दूरी से सटीक निशाना नहीं लगाया है। भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम S-400 ने ये सटीक निशाना लगाया था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पारंपरिक सैन्य तकनीक के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, साइबर सुरक्षा और रीयल टाइम बैटल मैनेजमेंट सिस्टम का भी इस्तेमाल किया। 
थाई एयरफोर्स सम्मेलन में भारत की वायु शक्ति की खुलकर तारीफ
थाईलैंड की रॉयल थाई एयर फोर्स (RTAF) के कॉन्फ्रेंस में भारतीय वायुसेना की S-400 एयर डिफेंस सिस्टम, इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (IACCS) और लो-एल्टीट्यूड, हाई-स्पीड मिसाइलों के संयोजन को भारत की असाधारण सैन्य क्षमताओं का प्रतीक बताया गया है। खासकर भारत के S-400 मिसाइल सिस्टम की भूमिका को निर्णायक माना गया है, जिसने 10 मई को 26 अलग-अलग पाकिस्तानी हमलों को नाकाम किया। यह रूसी मूल का लॉन्ग रेंज एयर डिफेंस सिस्टम 400 किमी तक के हवाई लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है और भारत की IACCS नेटवर्क से पूरी तरह जुड़ा हुआ है। इसके अलावा RTAF सम्मेलन में इस बात को खास तौर पर माना गया है कि पाकिस्तान के चीनी हथियार, जैसे कि HC9 एयर डिफेंस मिसाइलें और JF-17 Block III पर लगे PL-15 मिसाइल सिस्टम, भारतीय वायुसेना के कम ऊंचाई पर उड़ने वाले, तेज रफ्तार ड्रोन और मिसाइलों को रोकने में बुरी तरह नाकाम रहे। भारत ने ड्रोन हमले से ही लाहौर रडार सिस्टम को उड़ा दिया था।
-Legend News

मिलती जुलती खबरें

Recent Comments

Leave A Comment

Don’t worry ! Your Phone will not be published. Required fields are marked (*).