मथुरा। राजीव इंटरनेशनल स्कूल में बुधवार को विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में कक्षा छठवीं से नवीं एवं ग्यारहवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं ने अपने-अपने विषयों से सम्बन्धित ज्ञानवर्धक एवं आकर्षक मॉडल बनाकर अपनी प्रतिभा और हुनर की बानगी पेश की। प्रदर्शनी का शुभारम्भ मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) नवप्रीत कौर एवं प्रो. (डॉ.) सुषमा ने किया।

 बुधवार सुबह से ही कला और विज्ञान प्रदर्शनी को लेकर राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह और उमंग देखी गई। इस प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अपनी बौद्धिक क्षमता का शानदार परिचय देते हुए न केवल आकर्षक मॉडल बनाए बल्कि अतिथियों को प्रदर्शनी के दौरान अपने-अपने मॉडलों के बारे में जानकारी भी दी। विज्ञान प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण वाटर डिस्पेंसर, इलेक्ट्रिक बेल, पोर्टेबल मोबाइल चार्जर, हाइड्रॉलिक लिफ्ट इलेक्ट्रोमैग्नेटिक क्रेन, रूम हीटर, वेस्टवाटर ट्रीटमेंट प्लांट, विंडमिल, आइडेंटिफिकेशन ऑफ कंडक्टर, पिनहोल कैमरा, टेलीस्कोप, लावा लैम्प, सिम्पल मैग्नेटिक ट्रेन, इलेक्ट्रोलायसिस, हाइड्रोलिक जेसीबी, बज वायर गेम, माइक्रोस्कोप, इलेक्ट्रिक स्विंग, कलीडोस्कोप, पेरिस्कोप, सोलर सिस्टम, रेन डिटेक्टर, अल्कोहल डिटेक्टर, वैक्यूम क्लीनर, प्यूरीफायर, ब्लूटुथ डिवाइस, पोर्टेबल चार्जर, रोबोटिक कार, हाइड्रोलिक ब्रिज, ह्यूमन हार्ट, हीमोडायलिसिस इत्यादि मॉडल रहे।

कला प्रदर्शनी की बात करें तो इसके अंतर्गत छात्र-छात्राओं ने लोक-कला, छवि-चित्र, कम्पोजिशन, वस्तु-चित्र और प्रकृति-चित्रों को सुंदर व आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने उन्हें जल रंग, पेंसिल रंग, एक्रेलिक एवं पोस्टर रंगों के माध्यम से पूर्ण किया। विज्ञान एवं कला का अद्भुत संगम एक ही छत के नीचे देखकर अतिथि ही नहीं अभिभावक भी अभिभूत हो गए। निर्णायक मंडल में उपस्थित डॉ. नवप्रीत कौर एवं डॉ. सुषमा ने सारे मॉडल्स एवं चित्रों का निरीक्षण करने के बाद सभी विद्यार्थियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। अतिथिद्वय ने कहा कि प्रत्येक मॉडल छात्र-छात्राओं की शानदार कल्पनाशीलता तथा बच्चों के दिमाग को बढ़ावा देने के लिए स्कूल की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। अंत में उन्होंने प्रदर्शनी में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं के बौद्धिक प्रयासों की सराहना की तथा कहा कि विज्ञान एवं तकनीकी युग में इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण मानसिक विकास के लिए जरूरी हैं। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि कला और विज्ञान एक ही पेड़ की शाखाएँ हैं, वे जिज्ञासा को प्रेरित करने के साथ कल्पना को बढ़ावा देती हैं। प्रदर्शनी में ढेरों प्रोजेक्ट दिखाए गए, जिन्होंने न केवल कल्पना को आकर्षित किया  बल्कि वैश्विक चुनौतियों का भी संदेश दिया।

प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने कहा कि यह प्रदर्शनी छात्र-छात्राओं की बौद्धिक कुशलता तथा कई दिनों की मेहनत का सुफल है। श्री अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं की रचनात्मकता, नवाचार और कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्र-छात्राओं के रचनात्मक विचारों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है तथा उनकी रचनात्मक प्रतिभा का अन्वेषण होता है। विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट मॉडल तैयार करने तथा विजेता-उपविजेता का पारितोषिक हासिल करने के लिए बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रदर्शनी की इस सफलता में विज्ञान एवं कला संकाय के शिक्षकों की विशेष भूमिका रही।
- Legend News

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