अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'मृत अर्थव्यवस्था' वाले बयान का इस्तेमाल कर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन उनका यह प्रयास उल्टा पड़ गया. बीजेपी के साथ-साथ उनकी अपनी पार्टी के कुछ सहयोगियों ने भी इस पर असहमति जताई.
राहुल गांधी ने ट्रंप के बयान का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा. वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर और राजीव शुक्ला ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर जोर दिया. थरूर ने कहा कि नई दिल्ली को वाशिंगटन की अनुचित मांगों के सामने नहीं झुकना चाहिए. शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी ट्रंप की आलोचना की और कहा कि ऐसा दावा 'या तो अहंकार या अज्ञानता' से प्रेरित हो सकता है. 
हमारे पास विकल्पों की कमी नहीं... 
थरूर ने कहा कि भारत यूरोपीय संघ के साथ बातचीत कर रहा है, ब्रिटेन के साथ एक समझौता कर चुका है, और अन्य देशों के साथ भी चर्चा जारी है. उन्होंने कहा, "अगर हम अमेरिका में प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते, तो हमें अपने बाजारों में विविधता लानी होगी. हमारे पास विकल्पों की कमी नहीं है." 
ट्रंप भ्रम में जी रहे हैं... 
वहीं, राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने ट्रंप के बयान को पूरी तरह गलत करार दिया. उन्होंने कहा, "हमारी आर्थिक स्थिति कमजोर नहीं है. अगर कोई दावा करता है कि वह हमें आर्थिक रूप से बर्बाद कर सकता है, तो यह गलतफहमी है. ट्रंप भ्रम में जी रहे हैं." अमेरिका-पाकिस्तान तेल सौदे पर शुक्ला ने कहा कि यह हमें चिंतित नहीं करता, और कोई भी देश यह तय नहीं कर सकता कि भारत किसके साथ व्यापार करेगा. 
मृत अर्थव्यवस्था कहना केवल अहंकार... 
शिवसेना (UBT) के नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है. उन्होंने एक्स पर लिखा, "इसे मृत अर्थव्यवस्था कहना केवल अहंकार या अज्ञानता से हो सकता है." एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि भारत के सामने आर्थिक चुनौतियां हैं, खासकर प्रति व्यक्ति आय पर काम करने की जरूरत है. लेकिन ये चुनौतियां 'मृत अर्थव्यवस्था' के बराबर नहीं हैं. उन्होंने ट्रंप के बयान को समझौता करने की चाल बताया. 
एकनाथ शिंदे ने कहा कि ट्रम्प ने टैरिफ बढ़ाया है. लेकिन मोदी जी देश को फायदेमंद निर्णय लेंगे. टेरर और टैरिफ में विपक्ष में देश के साथ रहना चाहिए. जवानों के साथ रहना चाहिए. देश के प्रती प्रेम व्यक्त करना चाहिए था. लेकीन विपक्ष पाकिस्तान की भाषा बोलते है. ये भारत प्रेम नहीं, पाकिस्तान प्रेम है.
बीजेपी नेता निशिकांत दुबे ने एक्स पर लिखा, "राहुल गांधी के झूठ का जवाब आंकड़ों में है. मनमोहन सिंह के समय GDP: 2008-3.1%, 2011-5.2%, 2012-5.5%; हमारे समय में: 2015-8.0%, 2016-8.3%, 2021-9.1%." 
-Legend News

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