रिपोर्ट : LegendNews
प्रियंका चतुर्वेदी का उदयनिधि स्टालिन को जवाब, सनातन कभी नष्ट नहीं हो सकता
डीएमके नेता और तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म को मिटाने वाली जहरीली टिप्पणी पर शिवसेना (यूबीटी) की पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने करारा हमला बोला है। प्रियंका चतुर्वेदी ने बहुत ही सधी हुई टिप्पणी में उदयनिधि स्टालिन का बिना सीधे जिक्र किए कहा है कि सनातन कभी नष्ट नहीं हो सकता।
सनातन धर्म अनादि है, अनंत है
तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की मौजूदगी में सनातन धर्म को मिटाने का अपना मंसूबा फिर से दोहराया लेकिन शिवसेना (यूबीटी) की पूर्व राज्यसभा सांसद ने बिना उनका नाम लिए उन पर जोरदार निशाना साधा है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने विवेकानंद का दिया हवाला
यही नहीं, उन्होंने सनातन धर्म को लेकर स्वामी विवेकानंद को भी कोट किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा है, हमारा धर्म अमर है क्योंकि यह किसी पुस्तक या पैगंबर पर नहीं बल्कि आत्मा के उन शाश्वत नियमों पर आधारित है जो कल भी सत्य थे और आज भी हैं।
सनातन बांटता है, मिटा देना चाहिए: उदयनिधि
इससे पहले तमिलनाडु के पूर्व सीएम एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को मिटाने वाला अपना मंसूबा फिर से दोहराया है।
तमिलनाडु के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की मौजूदगी में उन्होंने कहा- सनातन लोगों को बांटता है,इसे मिटा दिया जाना चाहिए।
सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया से की थी
सनातन धर्म को मिटाने वाली उदयनिधि की यह जहरीली टिप्पणी करीब तीन साल बाद फिर से आई है।
इससे पहले उन्होंने सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया से करते हुए इसे पूरी तरह से मिटाने की बात कही थी।
उनका दावा था कि सनातन धर्म सामाजिक न्याय के खिलाफ है, इसलिए इसे मिटा देना चाहिए।
पहले भी की थी सनातन को मिटाने की बात
तब उन्होंने कहा था, 'कुछ चीजों का विरोध नहीं किया जा सकता, उन्हें सिर्फ मिटाया जा सकता है। हम डेंगू, मच्छर, मलेरिया या कोरोना का विरोध नहीं कर सकते। हमें इन्हें मिटाना होगा, इसी तरह से हमें सनातन को मिटाना होगा। सनातन के विरोध के बजाए, इसे मिटा देना चाहिए।'
बयान को मद्रास HC ने बताया था हेट स्पीच
उदयनिधि स्टालिन के इसी बयान पर इसी साल जनवरी में ही मद्रास हाई कोर्ट ने 'हेट स्पीच' की श्रेणी में रखा है।
यही वजह है कि उदयनिधि ने अपनी 'हेट स्पीच' को दोहराने के लिए विधानसभा का इस्तेमाल किया है,क्योंकि शायद उन्हें लगता है कि इससे वे सामान्य कानूनी प्रावधानों से बच सकते हैं।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव हारी है डीएमके
बता दें कि हाल ही में संपन्न हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में डीएमके की करारी हार हुई है और 234 सीटों में यह पार्टी सिमटकर सिर्फ 59 पर रह गई है। जबकि, थलपति विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है और छोटे-छोटे दलों के समर्थन से सरकार बनाई है।
-Legend News

Recent Comments