प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के युवा उद्यमियों की लगातार बढ़ती सफलता की सराहना की और कहा कि उनका दृढ़ संकल्प तथा समर्पण स्टार्टअप क्षेत्र में नए-नए रिकॉर्ड स्थापित कर रहा है। उन्होंने इसे ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने वाली सबसे बड़ी ताकत करार दिया।
पीएम मोदी ने एक्स संदेश में एक प्राचीन संस्कृत सुभाषित का भी उल्लेख किया
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स संदेश में एक प्राचीन संस्कृत सुभाषित का भी उल्लेख किया। उन्होंने लिखा, “दुर्लभान्यपि कार्याणि सिद्ध्यन्ति प्रोद्यमेन हि। शिलाऽपि तनुतां याति प्रपातेनार्णसो मुहुः॥” इसका अर्थ है कि अत्यंत कठिन और दुर्लभ कार्य भी लगातार उद्यम (परिश्रम) से सिद्ध हो जाते हैं। ठीक वैसे ही जैसे बार-बार गिरने वाली पानी की बूंदें कठोर शिला (पत्थर) को भी धीरे-धीरे क्षीण कर देती हैं और उसमें छेद कर देती हैं।
सुभाषित के माध्यम से युवाओं को दिया यह संदेश
प्रधानमंत्री ने इस सुभाषित के माध्यम से युवाओं को संदेश दिया कि असंभव लगने वाले लक्ष्य भी निरंतर मेहनत, जोश और जुनून से हासिल किए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि युवा शक्ति ही भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का मुख्य आधार बनेगी। 
-Legend News

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