अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान परमाणु समझौते से बाहर निकलने के अपने फै़सले का बचाव किया. उन्होंने कहा कि इस क़दम से तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका गया.
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "अगर मैंने ओबामा का ईरान परमाणु समझौता (जेसीपीओए) ख़त्म नहीं किया होता, तो ईरान के पास तीन साल पहले ही परमाणु हथियार होता."
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-इसराइल ने ईरान के साथ युद्ध शुरू कर दिया है.
जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ़ एक्शन यानी जेसीपीओए को पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय तैयार किया गया था. इसके तहत ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सीमाएं लगाई गई थीं और बदले में प्रतिबंधों में राहत दी गई थी.
ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में इस समझौते से अमेरिका को बाहर कर लिया था.
ट्रंप ने अपने हालिए पोस्ट में इस समझौते को 'अब तक का सबसे ख़तरनाक समझौता' बताया. उन्होंने कहा कि अगर यह लागू रहता, तो आज दुनिया पूरी तरह अलग होती.
उन्होंने लिखा, "आप इसके लिए बराक ओबामा और 'स्लीपी जो' जो बाइडन को ज़िम्मेदार ठहरा सकते हैं."  
अमेरिका ने अपने नागरिकों को इन देशों से फ़ौरन निकल जाने को कहा 
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने मध्य पूर्व के कई देशों में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एक बयान जारी किया है.
इसमें मंत्रालय ने कहा है कि वे हमले के ख़तरे के कारण जितनी जल्दी हो सके वहां से निकल जाएं.
इन देशों में बहरीन, मिस्र, ईरान, इराक़, इसराइल, वेस्ट बैंक, ग़ज़ा, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, क़तर, सऊदी अरब, सीरिया, संयुक्त अरब अमीरात और यमन शामिल हैं.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से ये बयान ऐसे समय में जारी किया गया है जब ईरान मध्य पूर्व देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बना रहा है.
इसराइल और अमेरिका ने शनिवार को ईरान पर हमला किया था, जिसके बाद से ईरान और इसराइल का एक दूसरे पर हमला जारी है. 
-Legend News

मिलती जुलती खबरें

Recent Comments

Leave A Comment

Don’t worry ! Your Phone will not be published. Required fields are marked (*).