नई द‍िल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार रात कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के गवर्नर और लेफ्टिनेंट गवर्नर का तबादला कर दिया. साथ ही तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया लेफ्टिनेंट गवर्नर नियुक्त किया गया. एक ऑफिशियल नोटिफिकेशन में, राष्ट्रपति ने नई नियुक्तियों और ट्रांसफर की घोषणा की.

तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल बनाया गया है. उन्होंने सीवी आनंद बोस की जगह ली. बोस ने दिन में अचानक पद से इस्तीफा दे दिया था. केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु का अतिरिक्त पदभार सौंपा गया है.

राष्ट्रपति मुर्मू ने हिमाचल प्रदेश के मौजूदा गवर्नर शिव प्रताप शुक्ला को तेलंगाना का राज्यपाल नियुक्त किया है. वहीं तेलंगाना के गवर्नर जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र का गवर्नर नियुक्त किया गया है. गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को पिछले साल सितंबर में महाराष्ट्र का अतिरिक्त पदभार दिया गया था, जब सीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद पद से हट गए थे.

हसनैन ने ली आरिफ मोहम्मद खान की जगह
लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (रिटायर्ड) को बिहार का नया राज्यपाल बनाया गया है. हसनैन ने आरिफ मोहम्मद खान की जगह ली है, जिन्होंने पिछले साल 2 जनवरी को बिहार के गवर्नर के रूप में शपथ ली थी.

इसी प्रकार बीजेपी के वरिष्ठ नेता और बिहार विधानसभा के पूर्व स्पीकर नंद किशोर यादव को नगालैंड का राज्यपाल बनाया गया है. वर्तमान में मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला नगालैंड के गवर्नर का अतिरिक्त पदभार संभाल रहे हैं.

इसी प्रकार लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है. दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर विनय कुमार सक्सेना को लद्दाख का लेफ्टिनेंट गवर्नर नियुक्त किया गया है.

नोटिफिकेशन के मुताबिक, सभी अपॉइंटमेंट और ट्रांसफर तब लागू होंगे जब संबंधित अधिकारी अपने नए पदों पर चार्ज संभाल लेंगे.

आनंद बोस का इस्तीफा राजनीतिक चर्चा का विषय
उधर, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से कुछ हफ्ते पहले सीवी आनंद बोस के अचानक राज्यपाल पद से इस्तीफे से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई थी. राष्ट्रपति भवन की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति मुर्मू ने बोस का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बोस के इस्तीफे को तुरंत राजनीतिक रंग देते हुए आरोप लगाया कि बोस पर चुनावों से पहले 'कुछ खास राजनीतिक फायदे' के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दबाव डाला होगा.

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से पहले राज्यपाल रवि का तबादला भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है, जिनका मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की DMK सरकार के साथ अलग-अलग मुद्दों पर सार्वजनिक टकराव देखा गया था.

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रवि को "मोदी इकोसिस्टम का बहुत बड़ा हिस्सा" बताया. रमेश ने एक्स पोस्ट में कहा, "वह तमिलनाडु गए, जहां उनकी खूब बदनामी हुई है. अब उन्हें पश्चिम बंगाल भेज दिया गया है, जहां वह पक्का खुद को मुसीबत में डालेंगे!"

रमेश ने कहा कि बोस से पहले के जगदीप धनखड़ ने भी उपराष्ट्रपति बनने से पहले विवादों में रहते हुए पद छोड़ा था.

- Legend News

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