ग्लास्गो। भारत की मुक्केबाज प्रीति पवार ने 54 किग्रा वर्ग में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो के खिलाफ शानदार जीत हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया.

भारत की मुक्केबाज प्रीति पवार ने 54 किग्रा वर्ग में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो के खिलाफ शानदार जीत हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. प्रीति पवार ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार गोल्ड मेडल जीता. इस जीत के साथ ही भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में छठा गोल्ड हासिल किया. प्रीति पवार ने फाइनल में कनाडा की बॉक्सर को एकतरफा अंदाज में हराया. वो तीनों राउंड में उनपर हावी रहीं.

प्रीति पवार ने ऐसे जीता CWG में गोल्ड
प्रीति पवार ने राउंड ऑफ 16 में डेबोरा मटेंजे को हराया.
क्वार्टरफाइनल में उन्होंने नॉर्थ आयरलैंड की निकोल क्लाइड को मात दी.
सेमीफाइनल में प्रीति ने जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को हराया.
फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को मात देकर प्रीति ने गोल्डन जीत हासिल की.

प्रीति पवार नहीं बनना चाहती थीं बॉक्सर
कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली प्रीति पवार कभी बॉक्सर नहीं बनना चाहती थीं. उन्हें हमेशा डर रहता था कि उनके चेहरे पर चोट लग जाएगी. लेकिन चाचा विनोद पवार जो कि पूर्व बॉक्सर हैं, उन्होंने प्रीति का मनोबल बढ़ाया. उनकी ही देखरेख में प्रीति पवार ने ट्रेनिंग की. भिवानी में उनकी एकेडमी में प्रीति ने मुक्केबाजी का ककहरा सीखा और आज इस लड़की ने ग्लास्गो में देश को गोल्ड जिता दिया है.
- Legend News
 

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