रिपोर्ट : LegendNews
PoK: चुनाव के दूसरे चरण में चरम पर पहुंचा तनाव, हर तरफ सड़कों पर जली हुई गाड़ियां और पत्थर
इन दिनों पाकिस्तान के कब्जे वाला जम्मू-कश्मीर (PoK) जल रहा है. अपने अधिकारों की मांग कर रहे लोगों पर पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स की बर्बरता के बीच मुजफ्फराबाद से बड़ी खबर आई है. यहां विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव चरम पर पहुंच गया है.
मुजफ्फराबाद में विधानसभा चुनाव के दौरान भड़की हिंसा के चलते सड़कों पर जली हुई गाड़ियां नजर आ रही हैं. पत्थर बिखरे पड़े हैं. पाकिस्तानी सेना की तरफ से आम नागरिकों पर अंधाधुंध फायरिंग हो रही है, जिसके खिलाफ स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए हैं.
3 की मौत और आधा दर्जन घायल
स्थानीय निवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुरक्षा बलों ने मुजफ्फराबाद के कई इलाकों में आम नागरिकों पर अंधाधुंध गोलियां और आंसू गैस के गोले बरसाए. मुजफ्फराबाद के प्लेट इलाके में हुई खुली गोलीबारी में कम से कम 3 लोगों की मौत हो गई और 6 से 7 लोग गंभीर रूप से घायल हैं.
एक बुजुर्ग प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उनके पड़ोस में सुबह का नाश्ता कर रहे 35 साल के युवक की छाती में गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई. भारी गोलीबारी के कारण करीब 45 मिनट तक उसे कोई मेडिकल हेल्प भी नहीं मिल पाई.
चुनाव बहिष्कार का एलान
आसिम मुनीर के पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की इस बर्बरता ने स्थानीय लोगों और युवाओं को पूरी तरह से अलग-थलग कर दिया है. पहली बार वोट डालने जा रहे युवाओं ने हिंसा के डर से मतदान करने से मना कर दिया है. एक स्थानीय निवासी ने रॉयटर्स को बताया, 'यह मेरा पहला चुनाव है और मैं पहली बार वोट देने जा रहा था, लेकिन राज्य के मौजूदा हालात को देखते हुए, मैं बिल्कुल भी वोट नहीं दूंगा, क्योंकि राज्य की हालत बहुत खराब है.' गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने 'अपनी जवानी कुर्बान करेंगे, इंकलाब लाएंगे' के नारे लगाए और साफ कहा कि यह खून-खराबा आगे और बड़े जन-आंदोलन की वजह बनेगा.
पाकिस्तान का अमानवीय चेहरा बेनकाब
इधर भारत सरकार ने PoK में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सेना की बर्बरता की सख्त निंदा की है. भारतीय विदेश मंत्रालयके प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, " पाकिस्तान सरकार PoK में शांतिपूर्ण नागरिकों पर क्रूर बल प्रयोग करना जारी रखे हुए है. इस क्रैकडाउन में अब तक 40 से अधिक निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री द्वारा प्रदर्शनकारी नागरिकों को दुश्मन करार देना उनके अमानवीय रवैये को साफ दर्शाता है.'
PoK में क्यों सड़कों पर उतरे हैं लोग?
PoK के लोग सालों से पाकिस्तान सरकार और उसकी सेना के दमन, उत्पीड़न, भेदभाव और अत्याचार को सहते आ रहे हैं. मुजफ्फराबाद, रावलकोट और मीरपुर शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहा है. इस जन-आंदोलन के पीछे कई बड़ी वजहें हैं. राज्य में बढ़ती महंगाई, भारी-भरकम बिजली बिल और आटे-राशन की भारी किल्लत है. इसके अलावा दशकों से पाकिस्तानी सेना द्वारा स्थानीय लोगों के मानवाधिकारों का हनन और उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है.
अब आजादी की मांग
जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के बेनर तले शुरू हुआ यह संघर्ष शुरुआत में सिर्फ सस्ते आटे, बिजली और बुनियादी आर्थिक सुविधाओं तक सीमित था, अब वह पाकिस्तान के अमानवीय रवैये के कारण एक बड़े राजनीतिक आंदोलन में तब्दील हो चुका है. पाकिस्तानी हुकूमत और सेना के दमनकारी रवैये से तंग आकर अब PoJK की आवाम बुनियादी मांगों से आगे बढ़कर पूर्ण राजनीतिक अधिकारों और पाकिस्तान के कब्जे से आजादी की मांग कर रही है.
पिछले 5 दिन में 50 से ज्यादा मौतें
PoJK में बेगुनाह और निहत्थे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई बहुत बेरहम रही है. पिछले 5 दिनों में PoJK में 50 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और लगभग 50 लोग घायल हुए हैं. एक दिन पहले ही पाकिस्तानी फोर्स ने उन निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर सीधे गोलियां चलाई थीं, जो खाना, बिजली और बुनियादी अधिकारों की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे थे.
-Legend News

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