पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में विरोध प्रदर्शन एक बार फिर तेज हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की अगुआई में रावलकोट में हजारों लोग सड़क पर उतरे हैं। प्रदर्शनकारियों के निशाने पर पाकिस्तानी सरकार और पुलिस हैं। वहीं इस प्रदर्शन में एक और खास बात देखी जा रही है। पीओके के लोगों ने ना सिर्फ खुलकर जम्मू-कश्मीर के लोगों से मदद मांगी है बल्कि साथ ही साथ दोनों ओर के कश्मीर के बीच से बॉर्डर खत्म करने की बात भी कही है।
पीओके में प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे नेताओं के वीडियो सामने आए हैं, इनमें वह कश्मीरी लोगों से मदद मांग रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने खाने-पीने की चीजों की सप्लाई तीन हफ्ते से बंद होने की वजह से अपने सामने आ रही मुश्किलों का हवाला दिया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों से पीओके के लोगों की करने मदद की अपील की है। यह पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर और पीएम शहबाज शरीफ की मुश्किल बढ़ा सकता है। 
हमारी मदद करे भारत 
पीओके में पाकिस्तान सरकार विरोधी प्रदर्शन के मुख्य आयोजकों में से एक सरदार अमन खान ने भारत के जम्मू क्षेत्र के पुंछ, मेंढर, राजौरी और डोडा के लोगों से मदद की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सरकार ने खाने-पीने की चीजों की सप्लाई रोक रखी है। इससे पैदा हो रहे मानवीय संकट को देखते हुए कश्मीर के लोगों को हमारी मदद करनी चाहिए।
सरदार अमन खान ने प्रदर्शन में आए लोगों से खुलकर कहा कि हमें अब लाइन ऑफ कंट्रोल की तरफ (भारत की ओर) बढ़ना चाहिए।अमन खान ने जब माइक से लोगों की भीड़ से पूछा कि क्या उन्हें एलओसी की ओर बढ़ना चाहिए। इस पर रावलकोट के ईदगाह मैदान में जमा हजारों की भीड़ ने 'हां' कहते हुए जवाब दिया। 
हमें पाकिस्तान की जरूरत नहीं 
प्रदर्शन के दौरान JAAC नेता सरदार अमन खान ने कहा, 'हमें पाकिस्तान के राशन की जरूरत नहीं है बल्कि पाकिस्तान को हमारी जरूरत है। अगर जरूरी सामान की सप्लाई बंद रही तो लोग जिंदा रहने के लिए दूसरा रास्ता चुनने को मजबूर होंगे। पाकिस्तान सरकार आंदोलन को दबाने के लिए जरूरी सामान की सप्लाई रोक रही है। 
JAAC नेता ने सीमाओं को खत्म करने की मांग की और विभाजन के पार संदेश भेजते हुए कहा किहम सीजफायर लाइन को खत्म करना चाहते हैं और हमें आपके समर्थन की जरूरत है। दूसरी तरफ के लोगों से मेरी अपील है कि वे आगे आएं। हमने राजनीतिक बातचीत के लिए दरवाजा खुला रखा है तो दूसरे विकल्प भी रखे हैं। 
पीओके में बढ़ती कीमतों, विधानसभा सीटों का आरक्षण और स्थानीय प्रशासन के मुद्दों को लेकर शुरू हुआ था। अब यह पाकिस्तान सरकार के खिलाफ एक बड़े विरोध का रूप ले चुका है। JAAC के कई नेताओं पर केस दर्ज किए गए हैं और उनको गिरफ्तार किया गया है। इससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया है। 
-Legend News

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